Patna News: पटना की तपती और वीरान पड़ी कंक्रीट की छतें अब जल्द ही हरे-भरे मिनी-फार्म में तब्दील हो सकती हैं. सरकार एक ऐसी जबरदस्त योजना लेकर आई है, जिससे न सिर्फ आपकी रसोई ताज़ी और केमिकल-मुक्त सब्ज़ियों से महकेगी, बल्कि यह शहर के दम घोंटते पर्यावरण के लिए भी संजीवनी साबित होगी.
क्या है ‘छत पर बागवानी’ योजना?
बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘छत पर बागवानी’ योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत, पटना के शहरी निवासियों को अपने घरों की छतों पर जैविक तरीके से फल, फूल और सब्ज़ियां उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि इससे कंक्रीट के जंगलों में बदलते शहरों में न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि परिवारों को अपने उपभोग के लिए पौष्टिक और ताज़ा उत्पाद भी मिलेंगे.
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी निवासियों को बागवानी से जोड़ना और छतों के खाली पड़े स्पेस का सदुपयोग करना है. योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थियों को बागवानी के लिए आवश्यक सामान और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आसानी से अपनी छत पर एक छोटा बगीचा विकसित कर सकें.
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क्यों ख़ास है यह सरकारी स्कीम?
यह योजना कई मायनों में पटना के निवासियों के लिए एक सुनहरा अवसर है. इसके माध्यम से शहर के वातावरण को सुधारने के साथ-साथ लोगों को आर्थिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी फायदा होगा. इस योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- स्वास्थ्य लाभ: आप अपने परिवार के लिए बिना किसी हानिकारक रसायन और कीटनाशक के ताज़ी और जैविक सब्ज़ियां उगा सकेंगे.
- पर्यावरण सुधार: छतों पर हरियाली बढ़ने से शहरी क्षेत्रों में ‘हीट आइलैंड’ प्रभाव कम होगा और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा.
- मानसिक शांति: बागवानी एक बेहतरीन स्ट्रेस-बस्टर है. अपने हाथों से लगाए गए पौधों को बढ़ते देखना एक सुकून भरा अनुभव होता है.
- पैसों की बचत: बाज़ार से महंगी सब्ज़ियां खरीदने की ज़रूरत कम होगी, जिससे आपके मासिक बजट में भी बचत होगी.
75% सब्सिडी का लाभ कैसे उठाएं?
इस योजना को आम लोगों के लिए आकर्षक बनाने के लिए सरकार बागवानी की कुल लागत पर 75% की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है. इसका मतलब है कि लाभार्थी को कुल खर्च का केवल 25% ही वहन करना होगा. पटना के शहरी इलाकों में इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जो भी नागरिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे संबंधित विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को शहरी खेती से जोड़कर पटना को एक हरा-भरा और स्वस्थ शहर बनाना है.





