पटना न्यूज़: बिहार की सड़कों से लेकर थानों तक, अब खाकी वर्दी वालों को आम लोगों से ‘तमीज़’ से बात करनी होगी. बात-बात पर धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए बुरी ख़बर है. पुलिस मुख्यालय ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया है.
क्यों पड़ी इस आदेश की ज़रूरत?
बिहार पुलिस मुख्यालय ने आम जनता के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर एक बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है. अक्सर यह शिकायतें मिलती रहती थीं कि पुलिसकर्मी आम लोगों से ठीक से बात नहीं करते, उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुनते या फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं. इन्हीं लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है. इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना और पुलिस की छवि को सुधारना है.
अब नहीं चलेगा अमर्यादित आचरण
मुख्यालय द्वारा जारी किए गए स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, किसी भी पुलिसकर्मी का आम नागरिक के साथ किया गया अमर्यादित आचरण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आदेश में साफ़ कहा गया है कि अगर कोई भी पुलिसकर्मी जनता के साथ बदसलूकी करते या अभद्र भाषा का प्रयोग करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश राज्य के सभी पुलिसकर्मियों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
पुलिस की छवि सुधारने की कवायद
यह कदम पुलिस बल को अधिक पेशेवर और नागरिक-अनुकूल बनाने की एक बड़ी कवायद का हिस्सा माना जा रहा है. विभाग का मानना है कि पुलिस का काम जनता की सेवा और सुरक्षा करना है, और यह तभी संभव है जब दोनों के बीच विश्वास और सम्मान का रिश्ता हो. इस नए आदेश से पुलिसकर्मियों को अपने व्यवहार में सुधार लाने की हिदायत दी गई है.
आदेश के मुख्य बिंदु:
- आम जनता के साथ विनम्र और सम्मानपूर्वक व्यवहार करना अनिवार्य होगा.
- किसी भी नागरिक के साथ अभद्र या अमर्यादित भाषा का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
- शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच की जाएगी.
- दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
इस आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि पुलिस के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे आम लोगों को अपनी शिकायतें लेकर थाने जाने में हिचकिचाहट महसूस नहीं होगी.






