पटना। बिहार में संगठित अपराध की दुनिया में जल्द ही एक बड़ा भूचाल आने वाला है. सरकार ने 1600 ऐसे अपराधियों की सूची तैयार कर ली है, जिनकी अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. इस लिस्ट के सामने आने के बाद माफियाओं और आपराधिक गिरोहों में हड़कंप मचना तय माना जा रहा है.
उपमुख्यमंत्री का दो टूक संदेश
बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी ने संगठित अपराध में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कर दिया है कि राज्य में माफिया राज को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी. सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े और कड़े फैसले लिए जाएंगे.
400 मोस्ट वांटेड, 1200 रडार पर
गृह विभाग ने एक व्यापक अभियान के तहत पहले चरण में 400 बड़े और कुख्यात अपराधियों की पहचान की है. इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. ये वो अपराधी हैं जो संगठित अपराध की रीढ़ माने जाते हैं और लंबे समय से फरार चल रहे हैं या फिर जमानत पर बाहर आकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं.
इसके अलावा, सरकार की नजर 1200 अन्य अपराधियों पर भी है. इन लोगों को पुलिस के निशाने पर रखा गया है और इनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है. सबूतों और सही समय के आधार पर इन पर भी शिकंजा कसा जाएगा. कुल मिलाकर 1600 अपराधी सरकार के सीधे निशाने पर आ गए हैं.
लैंड, सैंड और लीकर माफियाओं की होगी किलेबंदी
सरकार का यह एक्शन विशेष रूप से उन माफियाओं पर केंद्रित है जो अवैध रूप से राज्य के संसाधनों को लूट रहे हैं. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- लैंड माफिया: जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले.
- सैंड माफिया: अवैध बालू खनन करने वाले.
- लीकर माफिया: अवैध शराब का कारोबार करने वाले.
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि इन माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी ‘किलेबंदी’ की जाएगी. इसका मतलब है कि उनके आर्थिक स्रोतों से लेकर उनके गुर्गों तक, हर स्तर पर कार्रवाई होगी ताकि उनकी कमर तोड़ी जा सके.
बुलडोजर एक्शन की आहट?
उपमुख्यमंत्री के कड़े तेवरों के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या बिहार में भी दूसरे राज्यों की तर्ज पर ‘बुलडोजर एक्शन’ देखने को मिलेगा. हालांकि, मंत्री ने फिलहाल गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया पर जोर दिया है, लेकिन उनके संदेश से यह साफ है कि सरकार अपराधियों को किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में बिलकुल नहीं है. आने वाले दिन बिहार में संगठित अपराध के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं.




