पटना: बिहार की सियासत से बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ‘बुलडोजर’ चलाने की बात हो रही है, लेकिन अब इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर से ही एक अलग सुर सुनाई दिया है. उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर सांसद मनोज तिवारी ने जो कहा है, उसके गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
सम्राट चौधरी के बयान पर तिवारी का जवाब
दरअसल, हाल ही में बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कई मौकों पर अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ ‘बुलडोजर एक्शन’ की चेतावनी दी थी. उनके इस बयान पर जब मीडिया ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से सवाल किया तो उन्होंने इसे एक नई दिशा दे दी.
मनोज तिवारी ने सम्राट चौधरी के बयान को सीधे तौर पर खारिज न करते हुए उसे एक सधा हुआ रूप दिया. उन्होंने कहा, “यह बुलडोजर का एक्शन नहीं है. यह लॉ का एक्शन है और लॉ का एक्शन किसी पर भी हो सकता है.”
‘बुलडोजर’ नहीं, ‘कानून का एक्शन’
मनोज तिवारी की इस टिप्पणी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने ‘बुलडोजर एक्शन’ जैसे राजनीतिक शब्द की जगह ‘कानून का एक्शन’ (Action of Law) शब्द का इस्तेमाल करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार की कोई भी कार्रवाई कानूनी दायरे में रहकर ही की जाएगी. यह बयान सरकार के एक्शन को राजनीतिक स्टंट की बजाय एक संवैधानिक प्रक्रिया के तौर पर स्थापित करता है.
माफिया राज पर भी साधा निशाना
इसके अलावा, मनोज तिवारी ने बिहार में ‘माफिया राज’ को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना एनडीए सरकार की प्राथमिकता है. उनके बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त नीति अपनाएगी, लेकिन यह सब कुछ कानून के दायरे में ही होगा.
बयान के सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषक मनोज तिवारी के इस बयान को पार्टी के भीतर एक संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं. एक तरफ जहां सम्राट चौधरी आक्रामक तेवर दिखाकर सरकार की मजबूत छवि पेश कर रहे हैं, वहीं मनोज तिवारी ने सधे हुए शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि यह मजबूती कानून के शासन से आएगी. यह बयान पार्टी के स्टैंड को और अधिक स्पष्ट करता है और किसी भी तरह के विवाद से बचने का एक प्रयास भी माना जा रहा है.




