बक्सर न्यूज़: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से अवैध शराब का धंधा चला रहे हैं, लेकिन बक्सर पुलिस ने उनकी हर चाल को नाकाम कर दिया है। जिले में महज दो दिनों के भीतर शराब की दो बड़ी खेपें पकड़ी गई हैं, जिनकी कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पहली बड़ी कार्रवाई नवानगर थाना पुलिस और मध्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर की। पुलिस को 27 नवंबर को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की एक भारी खेप जिले से होकर गुजरने वाली है। इस सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम ने त्वरित छापेमारी की योजना बनाई।
छापेमारी के दौरान, पुलिस टीम ने एक 18 चक्का ट्रक को रोका और उसकी सघन तलाशी ली। तलाशी में ट्रक के भीतर से 964 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। कुल मिलाकर 8641 लीटर शराब जब्त की गई। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक अमन और सहचालक कौशल को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
रोहतास से पटना जा रही थी शराब की खेप
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह भारी मात्रा में शराब रोहतास से पटना ले जाई जा रही थी। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई से शराब की यह बड़ी तस्करी रुक गई, जो जिले में अवैध शराब के कारोबार पर एक गहरा प्रहार है।
पुलिस की दूसरी महत्वपूर्ण कार्रवाई शुक्रवार की देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में वीर कुंवर सिंह सेतु पर हुई। इस बार भी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक वाहन में अवैध शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना की पुलिस टीम ने चौकसी बढ़ा दी और वीर कुंवर सिंह सेतु पर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान, पुलिस ने पंजाब नंबर की एक गाड़ी को रोका। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि शराब को बेहद शातिर तरीके से मुर्गी दाने की बोरियों के नीचे छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से 393 पेटी विदेशी शराब बरामद की, जिसमें कुल 3529 लीटर शराब पाई गई। पुलिस ने तत्काल ट्रक ड्राइवर संजय को हिरासत में ले लिया।
ड्राइवर को भी नहीं थी शराब की जानकारी
हिरासत में लिए गए ड्राइवर संजय ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे यह ट्रक सोनीपत से सिलीगुड़ी तक ले जाने के लिए दिया गया था और उसे बताया गया था कि इसमें केवल मुर्गी दाना लदा है। औद्योगिक थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि तस्करों ने शराब को मुर्गी दाने के बीच बेहद चालाकी से छुपाया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और सक्रियता से उनकी यह कोशिश नाकाम हो गई।
बक्सर पुलिस की यह लगातार दूसरी बड़ी सफलता जिले में अवैध शराब कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि जिले को पूरी तरह शराब मुक्त बनाया जा सके।







