back to top
29 नवम्बर, 2025

‘बाबरी मस्जिद’ के ऐलान पर गरमाई सियासत, चिराग पासवान बोले- विपक्ष मुसलमानों को ठग रहा

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

मुर्शिदाबाद से एक ऐसे ऐलान ने पूरे देश की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल में एक मस्जिद का नाम ‘बाबरी मस्जिद’ रखने की घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान सामने आया है, जिसने विपक्ष पर करारा हमला किया है।

- Advertisement - Advertisement

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक मस्जिद को ‘बाबरी मस्जिद’ का नाम देने के ऐलान ने देशभर में सियासी घमासान मचा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में इस मस्जिद का निर्माण कराने और 6 दिसंबर को इसकी आधारशिला रखने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस मस्जिद के निर्माण में करीब तीन साल का समय लगेगा।

- Advertisement - Advertisement

इस घोषणा के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सहित कई राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  मंत्री के औचक दौरे से खुला सरकारी अस्पताल का 'काला चिट्ठा', डॉक्टर और नर्स गायब मिले तो भड़क उठीं लेशी सिंह

तुष्टिकरण की राजनीति और मुसलमानों का भविष्य

चिराग पासवान ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के ऐलान को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह वही राजनीति है, जिसने सबसे अधिक मुसलमानों का नुकसान किया है। चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित राजनीतिक दल और उनके नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे विवादों को हवा देते हैं। उन्होंने मुसलमानों से भी इस बात को समझने की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया, “क्या किसी और जगह पर बाबरी मस्जिद बना देने से मुसलमानों की आस्था को सम्मान मिल जाएगा?” उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं जब मुसलमानों को यह बात समझ आ जाएगी कि उन्हें भय और तुष्टिकरण के नाम पर लगातार ठगा जा रहा है।

राजनीतिक फायदे के बयान और असली मुद्दे

एक समाचार चैनल से बातचीत में चिराग पासवान ने इस तरह के बयानों को केवल ‘राजनीतिक फायदे’ के लिए दिया गया बताया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे बयानों के कोई खास मायने नहीं हैं। चिराग पासवान ने जोर दिया कि चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि मुस्लिम परिवारों में कितने बच्चे शिक्षित हो पा रहे हैं, कितने लोगों को बेहतर तालीम मिल रही है और क्या उनके पास रोजमर्रा की जिंदगी जीने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं या नहीं।

यह भी पढ़ें:  पटना में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति? 1 दिसंबर से सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां होंगी जब्त, बंद होंगे गैराज

हुमायूं कबीर के इस बयान के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज है, और यह मुद्दा देशव्यापी बहस का विषय बन गया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह विवाद और गरमा सकता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर पर लगा गंभीर आरोप: रसोइया ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, जांच शुरू

दरभंगा न्यूज़: दरभंगा जिले के जाले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है,...

AI की दुनिया में गंगा देवी कॉलेज की छात्राओं की ऊंची उड़ान, हाइब्रिड मोड में सीखीं भविष्य की तकनीक

पटना न्यूज़: दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की क्रांति देख रही है, तब पटना...

दरभंगा में आधी रात का ‘ऑपरेशन’: पोल लगाने से बिजली गुल, जानें कब तक रहेगी परेशानी

दरभंगा न्यूज: अगर आप दरभंगा के लक्ष्मीसागर मोहल्ले या सदर फीडर से जुड़े इलाकों...

किसानों की फसल पर आफत: सरकारी खरीद ठप, औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर अन्नदाता

दरभंगा न्यूज़: खेतों में लहलहाती धान की फसल अब किसानों के लिए बोझ बनती...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें