सारण न्यूज़: राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम अब हमारे बीच नहीं रहा। सारण जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष राघव प्रसाद सिंह के निधन से एक गहरा शून्य पैदा हो गया है, जिस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। आखिर कौन थे राघव प्रसाद सिंह और क्या थी उनकी पहचान?
बिहार के राजनीतिक गलियारों से एक दुखद खबर सामने आई है। सारण जिले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व जिला अध्यक्ष राघव प्रसाद सिंह का निधन हो गया है। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
मुख्यमंत्री ने व्यक्त की गहरी संवेदना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राघव प्रसाद सिंह के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। पटना में जारी एक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. राघव प्रसाद सिंह का जाना व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन दोनों के लिए एक बड़ी क्षति है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दिवंगत राघव प्रसाद सिंह के राजनीतिक सफर और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि राघव प्रसाद सिंह समता पार्टी की स्थापना के समय से ही उसके साथ मजबूती से जुड़े हुए थे। राजनीति के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी उनकी गहरी रुचि और सक्रिय भागीदारी थी, जिसे उन्होंने जीवन पर्यंत निभाया।
समता पार्टी से गहरा जुड़ाव
राघव प्रसाद सिंह को न केवल एक कुशल संगठक के तौर पर जाना जाता था, बल्कि वे समाज के हर वर्ग के बीच लोकप्रिय थे। उनकी सरल और सहज छवि ने उन्हें जननेता बनाया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में एक ऐसी अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों तथा शुभचिंतकों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।



