पटना न्यूज़: बिहार की राजनीति का पारा एक बार फिर चढ़ने वाला है। राजधानी पटना में बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीखें नजदीक आते ही सुरक्षा व्यवस्था का चक्रव्यूह रच दिया गया है। कौन सी नई रणनीति तैयार की गई है और क्यों DM-SSP को खुद मोर्चा संभालना पड़ा, जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।
आगामी शीतकालीन सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। यह सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां राज्य के कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
सुरक्षा तैयारियों का उच्च स्तरीय जायजा
इसी कड़ी में, पटना के जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों, प्रवेश द्वारों पर चेकिंग और पूरे क्षेत्र की निगरानी प्रणाली का विस्तृत आकलन किया।
अधिकारियों ने विधानसभा के भीतर और बाहर के हर संवेदनशील बिंदु पर विशेष ध्यान दिया। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध प्रदर्शन कानून-व्यवस्था के दायरे में रहे और सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।
चाक-चौबंद रहेगी व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को अलर्ट मोड पर रखने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। खासकर सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शनों और हंगामे की संभावना को देखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि इन तैयारियों से विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा का एक अभेद्य घेरा तैयार होगा, जिससे माननीय विधायकों और सत्र में शामिल होने वाले अन्य अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी, साथ ही पूरे सत्र का संचालन शांतिपूर्ण ढंग से हो पाएगा।





