दरभंगा न्यूज़: अचानक पुलिस थाने में वरीय अधिकारी का पहुंचना, फिर एक-एक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सख्त हिदायतें. दरभंगा जिले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने सकतपुर थाना का औचक निरीक्षण कर पुलिसिंग की समीक्षा की. उनके इस दौरे ने न सिर्फ लंबित मामलों की गंभीरता उजागर की, बल्कि पुलिस पदाधिकारियों को कई अहम मोर्चों पर चौकन्ना रहने के स्पष्ट संकेत भी दिए.
शुक्रवार, 29 नवंबर 2025 को ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, दरभंगा आलोक कुमार ने सकतपुर थाना पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली का गहन जायजा लिया. इस दौरान थानाध्यक्ष सहित अन्य सभी पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे. एसपी ने कानून व्यवस्था की स्थिति और पुलिसिंग के स्तर को समझने के लिए व्यापक समीक्षा की.
रिकॉर्डों की गहन जांच और लंबित मामलों पर सख्ती
निरीक्षण के क्रम में एसपी आलोक कुमार ने थाने में संधारित विभिन्न महत्वपूर्ण पंजियों की बारीकी से जांच की. इनमें आगंतुक पंजी, पासपोर्ट पंजी, आरटीआई पंजी, महिला हेल्प डेस्क पंजी, लोकशिकायत पंजी, मासिक कार्य विवरणी, मालखाना रिकॉर्ड, ओडी जांच, हजात सुरक्षा और चार्जशीट से संबंधित अभिलेख शामिल थे. उन्होंने विशेष रूप से हत्या, लूट और डकैती जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं से संबंधित लंबित मामलों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और उनके त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
फरार अपराधियों पर शिकंजा, वैज्ञानिक जांच पर जोर
एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को लंबित कांडों में फरार चल रहे अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही, वारंटियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया. अनुसंधानकर्ताओं को नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप ही कांडों की जांच करने, और वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए साक्ष्य संकलित करने पर विशेष जोर देने को कहा गया. उन्होंने विभिन्न मामलों के अनुसंधानकर्ताओं से उनके संबंधित कांडों की अद्यतन स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली.
सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम
कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एसपी आलोक कुमार ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए. इनमें वाहन चेकिंग अभियान में तेजी लाने, रात्रि गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बैंक और एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह चौकस रहने के निर्देश शामिल थे. उन्होंने थानाध्यक्ष को आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कड़ी नजर रखने और क्षेत्र में शराब एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने का आदेश दिया. स्पष्ट चेतावनी दी गई कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.




