Darbhanga। आज शनिवार को दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने शहरी क्षेत्र में विधि-व्यवस्था का जायजा लेने के उद्देश्य से सभी थानों के संध्या गश्ती दलों और विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई जाँच से पुलिस महकमे में हलचल मच गई, क्योंकि इसका मकसद सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत का आकलन करना था.
विधि-व्यवस्था बनाए रखने की पहल
पुलिस अधीक्षक रेड्डी ने इस निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे. उनका यह कदम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी कि पुलिस अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह से मुस्तैद है.
इस औचक निरीक्षण के पीछे कई मुख्य उद्देश्य थे:
- अपराध नियंत्रण: शाम और रात के समय होने वाले अपराधों पर लगाम कसना. यह सुनिश्चित करना कि गश्ती दल सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई कर सकें.
- कर्मचारियों की उपस्थिति: ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और उनकी मुस्तैदी की जाँच करना. यह सुनिश्चित करना कि सभी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से कर रहे हैं.
- जन सुरक्षा में वृद्धि: नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देना और उन्हें यह विश्वास दिलाना कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर है.
औचक निरीक्षण से बढ़ा दबाव
पुलिस अधीक्षक ने स्वयं रात के समय शहर के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में घूमकर गश्ती दलों और चेकपोस्टों पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम का मूल्यांकन किया. उन्होंने देखा कि पुलिसकर्मी निर्धारित स्थानों पर मौजूद हैं या नहीं और वे किस प्रकार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. इस दौरान, उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में और सुधार लाया जा सके.
यह औचक निरीक्षण दर्शाता है कि दरभंगा पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण और जन सुरक्षा को लेकर गंभीर है. वरीय अधिकारी के सीधे हस्तक्षेप से न केवल निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर अपनी ड्यूटी ठीक से करने का दबाव बढ़ता है, बल्कि इससे पुलिस बल की समग्र कार्यक्षमता में भी सुधार होता है. इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, ताकि शहर में अमन-चैन कायम रह सके.




