पटना से साइबर फ्रॉड की एक ऐसी खबर आई है, जो आपके होश उड़ा देगी. एक अंजान मैसेज, एक क्लिक और पलक झपकते ही अकाउंट खाली! सोचिए, अगर ट्रैफिक चालान भरने के नाम पर आपके खाते से भी एक लाख रुपये गायब हो जाएं तो क्या होगा? राजधानी पटना में एक शख्स के साथ ठीक यही हुआ है.
कैसे हुई एक लाख रुपये की ठगी?
मामला पटना के गुरहट्टा इलाके का है. यहां के निवासी प्रमोद कुमार अपने मोबाइल पर व्यस्त थे, तभी उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया. मैसेज देखने में बिल्कुल असली आरटीओ (RTO) चालान जैसा लग रहा था. इसमें ट्रैफिक नियम तोड़ने के एवज में चालान भरने की बात कही गई थी और भुगतान के लिए एक लिंक भी दिया गया था. प्रमोद कुमार को लगा कि शायद उनसे अनजाने में कोई गलती हुई होगी, इसलिए उन्होंने बिना सोचे-समझे उस लिंक पर क्लिक कर दिया.
लिंक पर क्लिक करते ही उनके फोन में एक एपीके (APK) फाइल डाउनलोड हो गई. इसे इंस्टॉल करते ही साइबर ठगों को उनके फोन का पूरा एक्सेस मिल गया. कुछ ही देर बाद प्रमोद कुमार के मोबाइल पर बैंक से मैसेज आया, जिसे देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उनके खाते से पूरे एक लाख रुपये निकाले जा चुके थे.
क्या है ठगी का यह नया तरीका?
साइबर अपराधी अब लोगों को फंसाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं. यह ठगी एपीके फाइल के जरिए की गई. दरअसल, एपीके फाइल एंड्रॉइड एप्लिकेशन का एक इंस्टॉलेशन पैकेज होता है. अपराधी सरकारी योजनाओं, चालान, या किसी लुभावने ऑफर के नाम पर इन फाइलों को व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए भेजते हैं.
जैसे ही कोई यूजर इस अनजान फाइल को इंस्टॉल करता है, यह ऐप फोन पर पूरी तरह से कंट्रोल कर लेता है. यह आपके स्क्रीन को रिकॉर्ड कर सकता है, आपके पासवर्ड चुरा सकता है और यहां तक कि आपके फोन पर आने वाले ओटीपी को भी पढ़ सकता है. इसी तकनीक का इस्तेमाल कर ठगों ने प्रमोद के खाते से पैसे उड़ा दिए.
पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का शिकार होने के बाद प्रमोद कुमार ने तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस उस बैंक खाते और मोबाइल नंबर की जांच कर रही है, जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके. अधिकारियों ने आम लोगों से भी इस तरह के अनजान लिंक से सतर्क रहने की अपील की है.
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?
- किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप या एसएमएस लिंक पर क्लिक न करें.
- गूगल प्ले स्टोर के अलावा किसी अन्य स्रोत से कोई भी ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें.
- यातायात चालान या किसी भी सरकारी भुगतान के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (जैसे Parivahan) का ही उपयोग करें.
- अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगे, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें.
- किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.







