दरभंगा न्यूज़: मिथिलांचल की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में सड़कों का अधूरा निर्माण अब लोगों के लिए ‘यमदूत’ बनता जा रहा है। जहां पहले ही ट्रैफिक जाम से लोग त्रस्त थे, वहीं अब निर्माण एजेंसियों की मनमानी और नगर निगम की गहरी नींद शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। आखिर कब तक शहरवासी इस जानलेवा अव्यवस्था को झेलते रहेंगे?
दरभंगा शहर में सड़क निर्माण परियोजनाओं की धीमी गति और अधूरे काम ने लोगों के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पहले से ही जाम की समस्या से जूझ रहे इस शहर में, अब निर्माण कंपनियों की लापरवाही और मनमानी कार्यशैली ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। नगर निगम की तरफ से किसी ठोस कार्रवाई या निगरानी की कमी ने इन एजेंसियों को खुली छूट दे दी है, जिसका खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप, शहर के कई इलाकों में सड़कें बदहाल हैं और अधूरा निर्माण दुर्घटनाओं का सबब बन रहा है। दरभंगा जैसा तेजी से विकसित होता शहर, जहां अधूरी सड़कें न केवल असुविधा का कारण बन रही हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम इस गंभीर स्थिति पर जल्द से जल्द ध्यान देगा और शहर को इस अव्यवस्था से निजात दिलाएगा।
अधूरी सड़कें, बढ़ता खतरा
शहर के लालबाग इलाके में टाउन हॉल के आसपास चल रहे निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। पिछले कई महीनों से सड़क मरम्मत का काम अधूरा पड़ा है, जबकि यह क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है। निर्माण एजेंसियों की घोर लापरवाही ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को बेहद खतरनाक बना दिया है। टाउन हॉल के गेट से लालबाग की ओर लगभग सौ फीट की दूरी तक सड़क के केवल एक लेन का ही पक्कीकरण किया गया है। दूसरी लेन कई महीनों से अधूरी छोड़ दी गई है। ढलाई न होने के कारण सड़क का किनारा उखड़ा हुआ है, जिससे आए दिन वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं। बाइक और स्कूटी का संतुलन बिगड़ने से कई बार लोगों को गंभीर चोटें भी आई हैं।
निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने ही ऐसी दुर्दशा है, तो शहर के अन्य दूरदराज के क्षेत्रों की हालत कैसी होगी। टाउन हॉल क्षेत्र को शहर का केंद्र माना जाता है, जहां नगर निगम के अलावा कई सरकारी और निजी कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में यहां की अव्यवस्था सीधे तौर पर निगम की कमजोर निगरानी और गुणवत्ता जांच प्रणाली पर सवाल उठाती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क निर्माण का लंबे समय तक खिंचना उनके व्यवसाय के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रहा है। ग्राहक ऐसी जगहों पर आने से कतराते हैं, जिससे उनकी बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।







