

CM Nitish Kumar in Sonepur Mela @सारण न्यूज़: बिहार का विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला, जहाँ इतिहास और वर्तमान की धाराएँ एक साथ बहती हैं, आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे का गवाह बना। मुख्यमंत्री ने न केवल मेले की जीवंत परंपराओं का अवलोकन किया, बल्कि प्रशासनिक अमले को ऐसे कड़े निर्देश भी दिए, जो मेले के स्वरूप और भविष्य को एक नई दिशा दे सकते हैं। आखिर क्या थी उनके दौरे की मुख्य वजह और कौन से बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के सोनपुर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को नागरिक सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मेला केवल एक प्राचीन परंपरा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है।
उन्होंने बल दिया कि हजारों छोटे व्यापारी और कारीगर अपनी कलात्मक वस्तुएं, सजावटी सामान, पारंपरिक गहने, बर्तन और कपड़े जैसे उत्पादों को यहां देशभर के बाजार तक पहुंचाते हैं। यह मेला स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। मुख्यमंत्री ने सभी आगंतुकों और विक्रेताओं की सुविधाओं का ख्याल रखने तथा उनकी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने किया विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने मेला सह प्रदर्शनी क्षेत्र का गहन जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, आर्ट एंड क्राफ्ट ग्राम, महिला एवं बाल विकास निगम, तथा जीविका जैसी विभिन्न सरकारी संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया। स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी लेते हुए, उन्होंने निर्माणकर्ताओं और विक्रेताओं से सीधा संवाद किया।
इस बातचीत में, कई उत्पादकों और स्वयं सहायता समूहों ने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और वित्तीय सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से जीविका दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत मिली राशि से हुए फायदों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बदौलत राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं और समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान मिल रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
CM Nitish Kumar in Sonepur Mela: सोनपुर मेला: एक परंपरा, एक अर्थव्यवस्था
सोनपुर मेला, जो प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर पूरे एक महीने तक चलता है, बिहार की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह मेला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों के लिए आजीविका का स्रोत भी है। यहां विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, घरेलू सामान और कृषि उत्पाद बेचे जाते हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।
मेला, एक ओर जहां सदियों पुरानी परंपराओं को जीवंत रखता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इन कारीगरों और व्यापारियों को हर संभव सहायता प्रदान कर उनकी तरक्की सुनिश्चित करना है।
इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक
सोनपुर मेला सारण जिला के सोनपुर में गंगा और गंडक नदी के पावन संगम पर हजारों साल से आयोजित होता रहा है। इस ऐतिहासिक और पौराणिक मेले को हरिहर क्षेत्र मेला के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां नदी में स्नान कर हरिहर नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने आते हैं। स्थानीय लोगों में यह ‘छत्तर मेला’ के नाम से भी प्रसिद्ध है।
इस वर्ष, बिहार विधानसभा चुनाव के कारण मेले की तिथियों में आंशिक परिवर्तन किया गया था। मूल रूप से 03 नवंबर 2025 से 04 दिसंबर 2025 तक प्रस्तावित यह मेला अब 09 नवंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, ताकि सभी आगंतुक और प्रतिभागी बिना किसी बाधा के इसका हिस्सा बन सकें।
एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला और मनोरंजन
सोनपुर मेला मुख्य रूप से देश के सबसे बड़े पशु मेले के रूप में विश्वविख्यात है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग विभिन्न पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए आते हैं, जिनमें घोड़े, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ते, तोते और मैना जैसे पशु-पक्षी शामिल हैं। यह पशु व्यापार की एक अनूठी परंपरा को दर्शाता है, जो आधुनिक समय में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।
पशु मेले के साथ-साथ, आगंतुकों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन जैसी विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। संध्या के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जो न केवल लोगों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि राज्य के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
सरकारी सहयोग और विभागों की भूमिका
इस विशाल मेले के सफल आयोजन में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सारण जिला प्रशासन नागरिक सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मेला क्षेत्र में विभिन्न सरकारी विभागों और केंद्रीय प्रतिष्ठानों द्वारा प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। इनमें ग्रामीण विकास विभाग का ग्रामश्री मंडप, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, तथा खान मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, सशस्त्र सीमा बल जैसे केंद्रीय मंत्रालय और प्रतिष्ठान शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग इन प्रदर्शनियों को देखने आते हैं और सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के विषय में जानकारी प्राप्त करते हैं।





