

मधुबनी: क्या सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक ठीक से पहुँच रहा है? एक ऐसी ही पड़ताल में विभागीय निर्देश पर स्थानीय अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शारंग पाणि पांडेय ने रविवार को क्षेत्र की 10 जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों और बीएसएफसी गोदाम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, जहाँ कई दुकानें समय पर खुली पाई गईं, वहीं कुछ में खामियां भी मिलीं, जिससे विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
एसडीएम के इस कदम से पीडीएस दुकानदारों में अफरातफरी का माहौल है। माना जा रहा है कि आम जनता की शिकायतों पर यह कार्रवाई की गई है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर खाद्यान्न मिल रहा है या नहीं।
पीडीएस दुकानों पर अनियमितताओं की आशंका
सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर अनियमितताएं पाई गईं, हालाँकि विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एसडीएम ने सभी दुकानदारों को सख्त निर्देश दिया है कि वे सरकारी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं को दिए गए दिशा-निर्देश
इस जांच के दौरान, एसडीएम ने दुकानदारों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जाए और सरकारी मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके अतिरिक्त, स्टॉक रजिस्टर का सही रखरखाव और उसकी नियमित जांच की भी आवश्यकता बताई गई। बीएसएफसी गोदाम के निरीक्षण में भी आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की गई, ताकि खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे।
आम जनता को राहत की उम्मीद
एसडीएम की इस कार्रवाई से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। उम्मीद है कि इस निरीक्षण के बाद जनवितरण प्रणाली की दुकानों पर पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंदों को उनका हक सही समय पर और सही मात्रा में मिल सकेगा। यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



