
भागलपुर न्यूज़: जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) में सोमवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया? एक अहम मशीन के बंद हो जाने से लोगों को दर-दर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला।
भागलपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं उस समय बाधित हो गईं, जब ओपीडी भवन के निचले तल पर स्थित पुरुषों की अल्ट्रासाउंड जांच सेवा ठप पड़ गई। इस আকस्मिक बंदी के कारण, पहले से समय लेकर पहुंचे और दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि जांच नहीं हो पाएगी, जिससे पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल में क्यों ठप हुई महत्वपूर्ण जांच सेवा?
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के ओपीडी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन में तकनीकी खराबी आई है या किसी अन्य कारण से सेवा बंद की गई है, इस पर प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन इस एक महत्वपूर्ण जांच के बंद हो जाने से अस्पताल की पूरी व्यवस्था पर असर पड़ा है। पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों, किडनी की समस्याओं और अन्य कई तरह के इलाजों के लिए अल्ट्रासाउंड एक बेहद ज़रूरी जांच होती है। सरकारी अस्पताल में यह जांच किफायती दरों पर हो जाती है, लेकिन अब इसके बंद होने से मरीज़ों पर दोहरी मार पड़ रही है।
मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें, निजी केंद्रों का रुख करने को मजबूर
JLNMCH में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने का सीधा असर मरीजों की जेब पर पड़ रहा है। जो लोग सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। अब उनके सामने दो ही विकल्प हैं:
- या तो वे अनिश्चितकाल तक मशीन के ठीक होने का इंतजार करें।
- या फिर महंगे निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर जाकर जांच कराएं, जिसका खर्च उठाना कई लोगों के लिए संभव नहीं है।
अस्पताल आने वाले ज़्यादातर मरीज़ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होते हैं, जो निजी अस्पतालों का महंगा इलाज नहीं करा सकते। इस स्थिति ने उन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है। मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।







