
Bihar के इस यूनिवर्सिटी का ऐतिहासिक फैसला — अब कॉलेजों में शुरू होंगे नए ‘जॉब वाले’ कोर्स, हजारों छात्रों का बदलेगा भविष्य!…तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसका असर हजारों छात्रों के करियर पर पड़ेगा. क्या अब पारंपरिक डिग्रियों के दिन लद गए और अब कॉलेज से निकलते ही सीधे नौकरी मिलेगी? जानिए विश्वविद्यालय के इस बड़े कदम के बारे में सब कुछ.
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अब नए व्यावसायिक यानी वोकेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे. लंबे समय से चल रहे इस प्रस्ताव को आखिरकार विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (Academic Council) ने अपनी स्वीकृति दे दी है. इस फैसले से उन हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा जो पारंपरिक डिग्री कोर्स के अलावा रोजगार-उन्मुख शिक्षा हासिल करना चाहते हैं.
एकैडमिक काउंसिल ने लगाई मुहर
विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में संबद्ध कॉलेजों में नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई. सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बाजार की जरूरतों के हिसाब से कौशल प्रदान करना भी आवश्यक है. गहन विचार-विमर्श के बाद, परिषद ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी. इस मंजूरी के बाद अब संबद्ध कॉलेजों के लिए नए कोर्स शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है.
क्या हैं वोकेशनल कोर्स और क्यों हैं ये जरूरी?
वोकेशनल कोर्स ऐसे पाठ्यक्रम होते हैं जो छात्रों को किसी खास क्षेत्र में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और कौशल प्रदान करते हैं. इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद नौकरी के लिए तैयार करना होता है. इन कोर्स में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर दिया जाता है.
आमतौर पर, इनमें निम्नलिखित जैसे पाठ्यक्रम शामिल होते हैं:
- बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)
- बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA)
- जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- फैशन डिजाइनिंग
- टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट
ये कोर्स छात्रों को डिग्री के साथ-साथ एक विशेष स्किल सेट भी प्रदान करते हैं, जिससे कॉर्पोरेट जगत में उनकी मांग बढ़ जाती है.
छात्रों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
विश्वविद्यालय के इस कदम से छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. अब तक जो छात्र सिर्फ बीए, बीकॉम या बीएससी जैसी पारंपरिक डिग्रियों तक सीमित थे, उन्हें अब अपनी रुचि के अनुसार प्रोफेशनल कोर्स चुनने का मौका मिलेगा. इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे. माना जा रहा है कि यह फैसला विश्वविद्यालय को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है.





