
भागलपुर न्यूज़: सरकार की हर घर नल का जल योजना ज़मीनी हकीकत में कैसे दम तोड़ रही है, इसकी बानगी देखनी हो तो बेलडीहा गांव आइए। यहां एक ऑपरेटर की ज़िद के आगे पूरी सरकारी मशीनरी बेबस नज़र आ रही है और गांव के लोग पिछले 6 महीनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला भागलपुर के बेलडीहा गांव के वार्ड संख्या 11 का है। यहां बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पानी की टंकी और पाइपलाइन का जाल बिछाया गया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, लेकिन पिछले छह महीनों से पूरी योजना ठप पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का संचालन करने वाले ऑपरेटर ने मनमाने ढंग से पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है, जिससे लोगों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी अब गांव में सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है।
ग्रामीणों ने सुनाई अपनी पीड़ा
लंबे समय से पानी की सप्लाई बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। घर में नल लगे होने के बावजूद उन्हें या तो चापाकलों पर घंटों लाइन लगानी पड़ती है या फिर दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इस समस्या ने ग्रामीणों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, खासकर महिलाओं को सबसे ज़्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के सामने खड़ी मुख्य समस्याएं:
- पेयजल के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है।
- महिलाओं और बच्चों का अधिकांश समय पानी ढोने में ही बर्बाद हो रहा है।
- स्वच्छ पानी की कमी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
- सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि छह महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ऑपरेटर की मनमानी के आगे पूरा सिस्टम लाचार दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक ऑपरेटर की मनमानी पर प्रशासन कब तक चुप रहेगा और बेलडीहा गांव के इन लोगों को पीने का साफ पानी कब नसीब होगा?






