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फ़रवरी, 19, 2026
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बिहार में पीडीएस अनाज खरीद को लेकर बड़ा फैसला: अब सिर्फ राज्य के किसानों से होगी खरीद

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बिहार न्यूज़: बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी खबर! अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए अनाज की खरीद सिर्फ राज्य के अन्नदाताओं से ही की जाएगी। सरकार के इस अहम फैसले के पीछे क्या है बड़ा मकसद और कैसे यह बदलेगा सूबे के लाखों किसानों का भाग्य? जानिए विस्तार से।

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बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अनाज खरीद को लेकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि अब पीडीएस के लिए आवश्यक अनाज की खरीद विशेष रूप से बिहार के किसानों से ही की जाएगी। यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने और स्थानीय अन्नदाताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

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इस नीतिगत बदलाव का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका को कम करना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।

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किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

इस निर्णय के लागू होने से राज्य के किसानों द्वारा उत्पादित धान और गेहूं जैसे खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम न केवल किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय स्तर पर खरीद से परिवहन लागत में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला अधिक कुशल बनेगी, जिसका अंतिम लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने की भी संभावना है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी। जब किसानों की आय बढ़ेगी, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी, जिससे समग्र राज्य विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह फैसला किसानों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने का काम करेगा, जो अंततः राज्य को कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।

बिचौलियों पर लगेगी लगाम

हालांकि, इस नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत खरीद तंत्र और प्रभावी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी योग्य किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिले और उन्हें भुगतान समय पर हो। सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की योजना बना रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीति का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचा जा सके।

यह निर्णय बिहार सरकार की कृषि-हितैषी नीतियों का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य राज्य को कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को समृद्धि की ओर ले जाना है। इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में बिहार के किसानों की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर ऊपर उठेगा और राज्य के विकास में उनका योगदान बढ़ेगा।

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