

मुजफ्फरपुर न्यूज़: अस्पताल के वार्ड में एक मरीज की मौत हुई और उसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यह खबर ना सिर्फ मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करती है, बल्कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर क्या था पूरा मामला, जिसने अस्पताल परिसर में ही इंसानियत को शर्मसार कर दिया?
बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसी चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया है। जानकारी के अनुसार, एक मरीज की अस्पताल के वार्ड में मौत हो गई। आमतौर पर ऐसे मामलों में शव को सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंपा जाता है या उचित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। हालांकि, यहां जो हुआ, वह पूरी तरह से अमानवीय था और उसने सभी मर्यादाओं को तोड़ दिया।
वार्ड में मौत के बाद अमानवीय कृत्य
बताया जा रहा है कि मरीज की मृत्यु के उपरांत उसके शव को सम्मान देने की बजाय, कुछ कर्मचारियों ने उसे उठाया और सीधे अस्पताल की सीढ़ियों के नीचे फेंक दिया। यह घटना न केवल मृतक के प्रति अनादर दर्शाती है, बल्कि उन परिजनों के लिए भी असहनीय है, जिन्हें अपने प्रियजन का शव इस तरह से तिरस्कृत होते देखने को मिला होगा। इस अमानवीय कृत्य ने पूरे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था और वहां तैनात कर्मचारियों के रवैये पर बहस छेड़ दी है। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के बाद, उनके निधन के उपरांत भी मानवीय गरिमा का ख्याल नहीं रखा जाता? ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीजों और उनके परिवारजनों का विश्वास तोड़ती हैं, बल्कि समाज में भी गलत संदेश देती हैं। अधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






