
नवी मुंबई/मुंबई: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्री सिमुलेशन टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब यह 25 दिसंबर से उड़ानों के आवागमन के लिए पूरी तरह तैयार है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) और सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ महाराष्ट्र (CIDCO) के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें AAHL की 74% और CIDCO की 26% हिस्सेदारी है।
अडानी ग्रुप की भविष्य की योजनाएं
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप अगले पांच वर्षों में अपने हवाई अड्डों की क्षमता को बढ़ाकर प्रति वर्ष 200 मिलियन यात्रियों तक पहुंचाने के लिए लगभग 15 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है, क्योंकि कंपनी अपने एयरपोर्ट व्यवसाय को सार्वजनिक करने की तैयारी में है।
एयरपोर्ट विस्तार और IPO की तैयारी
वर्तमान में, अडानी ग्रुप मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित देश भर के कई प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन करता है, जिनमें लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, मंगलुरु और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं। इन सभी हवाई अड्डों की क्षमता विस्तार की योजना है।
भारत में हवाई यात्री यातायात में वृद्धि
रिपोर्टों के मुताबिक, हवाई अड्डों की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक विस्तार लागत का लगभग 70% ऋण के माध्यम से और शेष इक्विटी से जुटाया जाएगा। उम्मीद है कि 2030 तक भारत में हवाई यात्री यातायात दोगुना से अधिक होकर 300 मिलियन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगा। अडानी ग्रुप इस बढ़ती मांग का लगभग दो-तिहाई हिस्सा संभालने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
यह विस्तार योजना कंपनी की एयरपोर्ट यूनिट के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लॉन्च करने की मंशा को भी बल देती है। अधिकांश उन्नयन उन छह हवाई अड्डों पर केंद्रित होंगे जिन्हें अडानी समूह ने 2020 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से प्राप्त किया था।
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