
समस्तीपुर: खानपुर प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां श्रीपुर गाहर पश्चिमी पंचायत के मुखिया रमेश मांझी को करीब 40 लाख रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मुखिया पर पंचायत के विकास के लिए आए सरकारी पैसों का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में था। स्थानीय लोगों और पंचायत समिति के सदस्यों द्वारा कई बार इस अनियमितता की शिकायत की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मुखिया रमेश मांझी पर सरकारी राशि का गबन करने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
मुखिया पर लगे गंभीर आरोप
सूत्रों के मुताबिक, मुखिया रमेश मांझी पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत के विकास कार्यों के लिए आवंटित लगभग 40 लाख रुपये की राशि का गबन किया है। यह पैसा विभिन्न योजनाओं जैसे सड़क निर्माण, नाली निर्माण, और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जारी किया गया था। आरोप है कि मुखिया ने इस पैसे का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया और संबंधित विकास कार्य भी ठीक से नहीं करवाए।
जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और सबूतों के आधार पर, स्थानीय पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल की। जांच में सरकारी पैसों के दुरुपयोग और गबन की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने मुखिया रमेश मांझी को गिरफ्तार करने का फैसला किया। गिरफ्तारी के बाद, मुखिया से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुखिया रमेश मांझी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गबन में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस गिरफ्तारी से पंचायत में हड़कंप मच गया है।






