
समस्तीपुर न्यूज़:
रेलवे ट्रैक पर दौड़ने वाले पहिये तो नहीं थमे, लेकिन उन पहियों को दौड़ाने वालों ने अन्न का निवाला छोड़ दिया है. आखिर DRM दफ्तर के बाहर क्यों भूखे-प्यासे बैठे हैं लोको पायलट? वजह काफी गंभीर है.
समस्तीपुर में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के बैनर तले लोको पायलटों का गुस्सा फूट पड़ा है. अपनी मांगों को लेकर रेलवे के दर्जनों कर्मचारी मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के सामने सामूहिक उपवास पर बैठ गए हैं. यह विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.
रनिंग रूम में खाना बंद होने से आक्रोश
इस पूरे विरोध प्रदर्शन की जड़ रनिंग रूम में खानपान की व्यवस्था को बंद किया जाना है. एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ अपनी ड्यूटी के दौरान इन्हीं रनिंग रूम पर भोजन के लिए आश्रित रहते हैं. घंटों की लंबी और थकाऊ ड्यूटी के बाद उन्हें यहीं पर भोजन और आराम मिलता है.
लेकिन, प्रशासन द्वारा इस सुविधा को अचानक बंद कर देने से रनिंग स्टाफ के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. उन्हें ड्यूटी के दौरान भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है. इसी फैसले के विरोध में कर्मचारियों ने उपवास का रास्ता अपनाया है.
दूसरे दिन भी जारी रहा अनशन
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष चल रहा यह सामूहिक उपवास कार्यक्रम दूसरे दिन भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहा. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं और रनिंग रूम में भोजन की व्यवस्था फिर से सुचारू रूप से शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा. फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

