
रायपुर, छत्तीसगढ़: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए टी20 मुकाबले में टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा, मैदान पर दिखाई अपनी हैरतअंगेज फील्डिंग से सबका ध्यान खींचा। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में जब टीम इंडिया के फील्डर एक छक्के को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तभी सब्स्टीट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान पर आए तिलक वर्मा ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए हवा में कलाबाजी खाई और छक्के को चौके में बदलने से रोक दिया।
हवा में उछलकर बचाया छक्का
मैच के दौरान, जब दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज ने एक जोरदार शॉट लगाया और गेंद बाउंड्री लाइन की ओर बढ़ी, तो एक पल के लिए लगा कि यह छक्का होगा। लेकिन तभी, सब्स्टीट्यूट फील्डर के रूप में मैदान पर तैनात तिलक वर्मा ने अपनी अविश्वसनीय फुर्ती का प्रदर्शन किया। उन्होंने सीमा रेखा के पास हवा में लगभग“उड़ते हुए” गेंद को लपका। इतना ही नहीं, बाउंड्री लाइन के बाहर गिरते समय उन्होंने चतुराई दिखाते हुए गेंद को वापस मैदान के अंदर उछाल दिया, जिससे भारत को एक बहुमूल्य रन बचाने में मदद मिली। इस हैरतअंगेज कारनामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस वर्मा की फुर्ती और खेल भावना की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
वर्मा का अनोखा अंदाज
हालांकि, वर्मा के इस हैरतअंगेज कारनामे के बाद, अगले ही ओवर में उन्हें डगआउट में बैठे देखा गया। यह खेल की एक सामान्य प्रक्रिया है, जहां सब्स्टीट्यूट फील्डर को केवल तभी मैदान पर भेजा जाता है जब किसी मुख्य खिलाड़ी को चोट लगे या आराम की आवश्यकता हो। लेकिन वर्मा ने अपने छोटे से मौके में ही अपनी छाप छोड़ दी। उनकी इस फील्डिंग को देखकर क्रिकेट पंडितों और फैंस ने उनकी तुलना“उड़ता हुआ” खिलाड़ी तक से कर दी है।
यह घटना न केवल तिलक वर्मा की खेल के प्रति निष्ठा और शारीरिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं। रायपुर के इस मैदान पर वर्मा की इस फील्डिंग ने निश्चित रूप से दर्शकों के बीच एक“वाह” का माहौल बना दिया।

