
भागलपुर:
कस्बे की पहचान बताने वाला बड़ा सा गेट, रात में दिन का अहसास कराती हाई-मास्ट लाइटें और नए साइन बोर्ड… पहली नजर में लगता है कि हबीबपुर नगर पंचायत विकास की नई कहानी लिख रहा है. लेकिन क्या इस चमक-दमक के पीछे की सच्चाई भी उतनी ही उजली है? सड़कों पर बहता गंदा पानी और हर तरफ फैली गंदगी तो कुछ और ही हकीकत बयां कर रही है.
बाहर से चमकाने की कवायद, अंदर हाल बेहाल
हबीबपुर नगर पंचायत प्रशासन ने इलाके को एक आधुनिक और विकसित रूप देने के लिए कई कदम उठाए हैं. पंचायत क्षेत्र में प्रवेश करते ही एक बड़ा और आकर्षक प्रवेश द्वार लगाया गया है. इसके साथ ही, प्रमुख स्थानों पर हाई-मास्ट लाइटें भी लगाई गई हैं ताकि रात में भी रोशनी बनी रहे. जगह-जगह नए साइन बोर्ड लगाकर इलाके को एक व्यवस्थित शक्ल देने की कोशिश की गई है. इन बाहरी बदलावों को देखकर एक बारगी तो लगता है कि प्रशासन विकास को लेकर काफी गंभीर है.
सड़कें बनीं दरिया, गंदगी का अंबार
लेकिन इस बाहरी चमक के पीछे की कहानी बिल्कुल अलग है. जैसे ही आप कस्बे की गलियों और मुख्य सड़कों पर आगे बढ़ते हैं, विकास के दावों की पोल खुल जाती है. यहां की सबसे बड़ी और गंभीर समस्या साफ-सफाई और जल-निकासी की है. नालियां या तो जाम हैं या फिर उनका पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है. सड़कों पर बहता यह गंदा पानी स्थानीय निवासियों के लिए एक स्थायी सिरदर्द बन चुका है. कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे हर समय दुर्गंध आती रहती है.
रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल, बीमारियों का बढ़ा खतरा
सड़कों पर जमा गंदे पानी और गंदगी ने स्थानीय लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है. लोगों का पैदल चलना तक दूभर हो गया है. वाहन चालकों को भी गंदे पानी के बीच से गुजरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति के कारण कई गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं:
- संक्रामक रोगों का खतरा: जमा हुए गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
- असहनीय दुर्गंध: इलाके में फैली गंदगी और सड़कों पर बहते नाले के पानी से उठने वाली दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.
- आवागमन में बाधा: मुख्य मार्गों पर भी पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहती है स्थानीय जनता?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिर्फ गेट और लाइटें लगा देना ही विकास नहीं है. असली विकास तो तब होगा जब लोगों को साफ-सुथरा माहौल और बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी. उनका आरोप है कि साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है. लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत प्रशासन को बाहरी सौंदर्यीकरण के साथ-साथ साफ-सफाई और जल-निकासी जैसी बुनियादी समस्याओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए.







