

मुजफ्फरपुर न्यूज़: धार्मिक नगरी उज्जैन में मंदिरों से निकलने वाले फूलों और कचरे को अब सिर्फ ‘कचरा’ नहीं कहा जाएगा, बल्कि यह समृद्धि का नया रास्ता खोलेगा. मुजफ्फरपुर नगर निगम ने एक ऐसे ही अनोखे नवाचार को अपने शहर में उतारने का बीड़ा उठाया है, जिसके लिए सात सदस्यों की एक खास टीम उज्जैन भेजी जा रही है. आखिर क्या है यह खास फार्मूला जिसे सीखने के लिए मुजफ्फरपुर इतना उत्साहित है?
यह पहल मुख्य रूप से मंदिरों और धार्मिक स्थलों से निकलने वाले सूखे फूलों और अन्य जैविक कचरे के प्रभावी प्रबंधन से जुड़ी है. इस नवाचार के तहत इन अनुपयोगी वस्तुओं को अगरबत्ती, धूपबत्ती, खाद और अन्य उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा. इससे न केवल पर्यावरणीय स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. मुजफ्फरपुर नगर निगम इस मॉडल को अपने शहर में लागू कर अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ना चाहता है.
उज्जैन मॉडल की सीख
नगर निगम द्वारा गठित सात सदस्यीय यह टीम सिटी मैनेजर के नेतृत्व में उज्जैन का दौरा करेगी. इस दल का मुख्य उद्देश्य उज्जैन में चल रहे इस सफल नवाचार की बारीकियों को समझना है. टीम वहां के स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संगठनों और इस परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों से मिलेगी ताकि यह जाना जा सके कि सूखे फूलों से अगरबत्ती और मंदिर के अन्य कचरे से उपयोगी सामान कैसे बनाए जा रहे हैं. यह दौरा जमीन पर इस परियोजना को कैसे सफल बनाया जाए, इसकी व्यावहारिक जानकारी इकट्ठा करने पर केंद्रित होगा.
मुजफ्फरपुर में इस नवाचार के लागू होने से शहर के स्वच्छता अभियान को एक नई दिशा मिलेगी. मंदिरों और घाटों के आसपास जमा होने वाले फूलों और पूजा सामग्री के कचरे का स्थायी समाधान मिल सकेगा. इसके साथ ही, स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री में शामिल कर आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग भी प्रशस्त होगा. यह पहल शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.
स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
नगर निगम का मानना है कि उज्जैन से मिली सीख मुजफ्फरपुर के लिए एक गेम चेंजर साबित होगी. इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल अपशिष्ट प्रबंधन की समस्या का समाधान होगा, बल्कि यह अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है. टीम उज्जैन से लौटकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर मुजफ्फरपुर में इस नवाचार को मूर्तरूप देने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी.




