

मुजफ्फरपुर न्यूज़: विश्वविद्यालय परिसर में कुछ ऐसे चेहरे सक्रिय हो गए हैं, जिनके झांसे में फंसकर छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। प्रशासन ने एक अहम अपील जारी करते हुए सभी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को इन ‘दलालों’ से दूरी बनाए रखने की कड़ी चेतावनी दी है। आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ गई है चिंता?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि परिसर के भीतर और बाहर कुछ बिचौलिए (दलाल) सक्रिय हैं, जो छात्रों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर उनसे अनुचित लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। ये बिचौलिए प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा फॉर्म भरने, अंकपत्र सुधार या अन्य अकादमिक कार्यों से जुड़े मामलों में छात्रों को भ्रमित कर सकते हैं।
बिचौलियों से सावधान रहने की अपील
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि छात्रों को ऐसे किसी भी व्यक्ति के बहकावे में नहीं आना चाहिए जो उन्हें शॉर्टकट या विशेष सुविधाएं दिलाने का दावा करता हो। प्रशासन ने छात्रों को सीधे विश्वविद्यालय के अधिकृत कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी है। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए केवल आधिकारिक सूचना पट्टों, वेबसाइट या हेल्पडेस्क का ही उपयोग करें।
इन बिचौलियों का मुख्य उद्देश्य छात्रों की अज्ञानता या जल्दबाजी का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठना होता है। अक्सर ये लोग छात्रों को गलत जानकारी देते हैं, जिससे न केवल उनके पैसे बर्बाद होते हैं, बल्कि उनके अकादमिक रिकॉर्ड पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई बार छात्रों को फर्जीवाड़े का भी शिकार होना पड़ता है।
झांसे में आने पर क्या करें?
यदि किसी छात्र या अभिभावक को कोई संदिग्ध व्यक्ति विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों के लिए संपर्क करता है या पैसे की मांग करता है, तो उन्हें तुरंत इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन या स्थानीय पुलिस को देनी चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार नहीं होगा, यदि छात्र या अभिभावक अनौपचारिक माध्यमों से लेन-देन करते हैं।
विश्वविद्यालय ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे अपनी सतर्कता बनाए रखें और ऐसे असामाजिक तत्वों को सफल न होने दें। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए पारदर्शी और आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।




