
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने हाल ही में हुई अपनी बैठक में प्रमुख नीतिगत दर, रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद रेपो रेट 5.50% से घटकर 5.25% हो गया है. इस घोषणा के साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर में उत्साह की लहर दौड़ गई. डीएलएफ, ओबेरॉय रियलिटी और प्रेस्टीज जैसी दिग्गज रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में 2% तक की उछाल देखी गई. अब सवाल यह उठता है कि रेपो रेट में इस कटौती से रियल एस्टेट सेक्टर को इतनी बड़ी राहत क्यों मिली है?
the impact of the repo rate cut on real estate
दरअसल, रेपो रेट में कटौती का सीधा असर होम लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है. जब रेपो रेट घटता है, तो बैंकों के लिए केंद्रीय बैंक से पैसा लेना सस्ता हो जाता है, जिसका फायदा वे आगे होम लोन की ब्याज दरों में कटौती करके ग्राहकों को देते हैं. इससे घर खरीदने वालों, विशेषकर अफोर्डेबल और मिड-इनकम सेगमेंट में, के लिए लोन लेना किफायती हो जाता है. इससे रियल एस्टेट बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद जगी है.
रियल एस्टेट इकोसिस्टम पर बढ़ेगा भरोसा
जेपी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, श्री जश पंचमिया ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, “आरबीआई का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब महंगाई नियंत्रण में है और अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ रही है. रेपो रेट में कटौती से विभिन्न सेक्टर्स में कंजम्पशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे समग्र आर्थिक विकास को बल मिलेगा. विशेष रूप से, अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट हाउसिंग को लाभ होगा क्योंकि कम होम लोन की दरें खरीदारों को अपनी खरीदारी के फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगी. इससे अच्छे घरों की मांग बढ़ेगी, बाजार की गतिविधियां तेज होंगी, निवेश की भावना को समर्थन मिलेगा और रियल एस्टेट इकोसिस्टम में दीर्घकालिक विश्वास बढ़ेगा.”
गंगा रियलिटी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, विकास गर्ग ने कहा, “आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है. ब्याज दरों में कमी से होम लोन सस्ते हो जाएंगे, जिससे खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मांग मजबूत होगी. कम ईएमआई (EMI) की वजह से वे खरीदार भी जल्द निर्णय ले पाएंगे जो पहले से बेहतर माहौल का इंतजार कर रहे थे.”
रियल एस्टेट को भाया RBI का फैसला
सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन, प्रदीप अग्रवाल ने कहा, “हम महंगाई में नरमी के बीच आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 25 बीपीएस (BPS) घटाकर 5.25% करने के फैसले का स्वागत करते हैं. यह कदम निश्चित रूप से समग्र आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने में मदद करेगा, जिससे मांग और निवेश गतिविधियां और मजबूत होंगी. रियल एस्टेट सेक्टर पहले से ही विकास की राह पर है. आरबीआई द्वारा पहले की गई कुल 100 बीपीएस (BPS) की रेपो-रेट में कमी, बजट में आयकर राहत और जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने जैसे कदमों से न केवल होम लोन सस्ते हुए हैं, बल्कि घर खरीदारों के लिए सामर्थ्य (affordability) में भी काफी सुधार हुआ है. इस नवीनतम दर कटौती से बाजार की धारणा को और मजबूती मिलने, क्रय शक्ति (purchasing power) में वृद्धि होने और प्रमुख सेगमेंट में हाउसिंग की मांग में निरंतर वृद्धि का समर्थन होने की उम्मीद है, जिससे रियल एस्टेट एक पसंदीदा दीर्घकालिक संपत्ति वर्ग (long-term asset class) बना रहेगा.”
निम्बस रियलिटी के सीईओ, साहिल अग्रवाल ने कहा कि बाजार लंबे समय से ब्याज दरों में नरमी का इंतजार कर रहा था. रेपो रेट में यह कटौती बिल्डरों और खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. इससे नए लॉन्च और निर्माणाधीन परियोजनाओं (under-construction projects) में ग्राहकों की रुचि बढ़ेगी. इस निर्णय से अगले तिमाही में हाउसिंग सेक्टर में मांग में 15-20% की वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. हमें विश्वास है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आवास गतिविधियों में तेजी स्पष्ट रूप से दिखाई देगी.







