
बिरौल (दरभंगा) न्यूज़: क्या आपकी बेटी भी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है? बिरौल में हाल ही में हुए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ने इस सवाल का जवाब दे दिया है। यहाँ बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए गए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन हो गया है, जिसके बाद अब 6 बालिकाओं का चयन 66 दिवसीय उन्नत ट्रेनिंग के लिए किया गया है। यह सिर्फ एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सुरक्षा का नया अध्याय है।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण का शानदार समापन
बिहार शिक्षा परियोजना, समग्र शिक्षा दरभंगा द्वारा संचालित 24 दिवसीय रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीकें सिखाकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना था। कराटे प्रशिक्षक लालटुन पासवान के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर, उच्च माध्यमिक विद्यालय सुपौल और +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय कमलपुर पूर्वी, बिरौल जैसे तीन प्रमुख विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न आत्मरक्षा कौशल सीखे, जो उन्हें आपातकालीन स्थितियों में अपनी रक्षा करने में सक्षम बनाएंगे।
उन्नत प्रशिक्षण के लिए 6 बालिकाओं का चयन
24 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन के बाद, तीनों विद्यालयों से कुल छह प्रतिभाशाली बालिकाओं का चयन 66 दिवसीय उन्नत आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए किया गया है। यह उन्नत प्रशिक्षण उन्हें और भी जटिल और प्रभावी आत्मरक्षा तकनीकें सिखाएगा, जिससे उनकी क्षमताएँ और अधिक निखरेंगी। चयनित बालिकाओं के नाम इस प्रकार हैं:
- उच्च माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर: दिपकी कुमारी और चांदनी कुमारी
- उच्च माध्यमिक विद्यालय सुपौल: आफरीन प्रवीण और शम्मा प्रवीण
- उच्च माध्यमिक विद्यालय कमलपुर पूर्वी, बिरौल: दो अन्य बालिकाएँ (नाम अज्ञात)
यह चयन बालिकाओं के समर्पण और सीखने की ललक को दर्शाता है। यह उन्नत प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास और सुरक्षा कौशल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
आत्मविश्वास और सुरक्षा कौशल में वृद्धि
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें पंकज कुमार चौधरी, मुकेश पासवान, कुमार सोनू, रमन कुमार झा, राहुल कुमार और बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्राएँ शामिल थीं। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अरुण कुमार सिंह ने जोर देकर कहा, “यह प्रशिक्षण बालिकाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा कौशल को मजबूत करता है।” उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए केशव कुमार चौधरी ने कहा, “यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि बालिकाएँ अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए अधिक सक्षम बनी हैं।”
इस पहल से न केवल बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है, बल्कि उनमें विषम परिस्थितियों से निपटने का साहस भी पैदा किया गया है। यह प्रशिक्षण समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और निडर बनने में मदद करेगा।



