

मुजफ्फरपुर न्यूज़: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीबों के लिए आवंटित राशन को डकारने के आरोप में तीन राशन डीलरों और उनके एक नॉमिनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इस गंभीर मामले में प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर जांच का सिलसिला शुरू कर दिया है, जिससे जिले में हड़कंप मच गया है।
राशन वितरण में अनियमितता का आरोप
मुजफ्फरपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बांटे जाने वाले राशन के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से की गई जांच के बाद तीन राशन डीलरों और एक नॉमिनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने गरीबों को मिलने वाले अनाज में धांधली कर उसे निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया।
आरोप है कि ये डीलर और नॉमिनी लंबे समय से अपनी दुकानों से राशन का सही तरीके से वितरण नहीं कर रहे थे। जांच में पाया गया कि निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा था या फिर पात्रता रखने वाले कई लोगों को राशन मिल ही नहीं रहा था। माना जा रहा है कि इस अनाज को खुले बाजार में बेच दिया गया, जिससे लाखों लाभार्थियों को उनके हक से वंचित कर दिया गया।
जांच और आगामी कार्रवाई
यह कार्रवाई संबंधित विभाग की गहन छानबीन के बाद अमल में लाई गई है। एफआईआर खाद्य सुरक्षा अधिनियम और गबन से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें डीलरों और नॉमिनी के वितरण रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी। संभावना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं और अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी अनियमितताओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि गरीबों के हक का अनाज किसी भी सूरत में गबन नहीं होने दिया जाएगा और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।





