
पटना न्यूज़: कान, नाक और गले की जटिल बीमारियों का इलाज अब कितना आसान हो गया है? देश भर से आए विशेषज्ञ जब एक मंच पर जुटे, तो उन्होंने सिर्फ समस्याओं पर ही नहीं, बल्कि उनके अत्याधुनिक समाधानों पर भी ऐसी गहरी चर्चा की, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। जानिए पटना में चल रहे इस बड़े सम्मेलन के दूसरे दिन क्या खास रहा।
पटना में आयोजित 49वें BJAOICON 2025 के दूसरे दिन देश के जाने-माने ईएनटी विशेषज्ञों ने नवीन शोध, सर्जिकल तकनीकों और क्लिनिकल अनुभवों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह सम्मेलन कान, नाक और गले से संबंधित रोगों के उपचार में नई दिशाएं तलाशने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
दिन की शुरुआत डॉ. राघव शरण ऑरेशन और AOT स्टेट ऑरेशन जैसे महत्वपूर्ण व्याख्यानों से हुई। इनमें श्रवण प्रोसेसिंग, कॉक्लियर इम्प्लांटेशन, हियरिंग इम्प्लांट्स और एंडोस्कोपिक तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे ये तकनीकें बहरेपन जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं।
एडवांस्ड सर्जरी और उपचार पर खास सत्र
सम्मेलन के दौरान इंटरएक्टिव वीडियो सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें स्टेपेडेक्टॉमी (Stapedectomy) और जुवेनाइल पैपिलोमैटोसिस (Juvenile Papillomatosis) के प्रबंधन पर उपयोगी डेमो दिए गए। इसके अलावा, आमंत्रित व्याख्यानों में एंडोस्कोपिक सीएसएफ लीक रिपेयर (Endoscopic CSF Leak Repair), साइनोनैसल मैलिग्नेंसी (Sinonasal Malignancy), टिनिटस (Tinnitus) और पैराफैरिंजीयल ट्यूमर (Parapharyngeal Tumor) के प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने अपने अनमोल अनुभव साझा किए। इन सत्रों ने जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को समझने में मदद की।
नया शोध और नवाचार का प्रदर्शन
पीजी (PG) और कंसल्टेंट दोनों ही श्रेणियों में पोस्टर प्रेजेंटेशन सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण रहा। यहां युवा शोधकर्ताओं और अनुभवी चिकित्सकों ने अपने शोध कार्यों को प्रदर्शित किया। डॉ. ए.पी. सिंह पोस्टर अवॉर्ड के लिए इन शोध कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया, जिससे नए विचारों और नवाचारों को प्रोत्साहन मिला।
शाम के सत्र और भव्य रात्रिभोज
शाम के सत्रों में एंडोस्कोपिक स्टेपेडेक्टॉमी (Endoscopic Stapedotomy), ‘साइलेंस टू साउंड’ (Silence to Sound) और एंडऑरल ईयर सर्जरी (Endaural Ear Surgery) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन व्याख्यान दिए गए। दिन भर चली ज्ञानवर्धक चर्चाओं के बाद, सम्मेलन का समापन एक भव्य गाला डिनर के साथ हुआ, जहां सभी विशेषज्ञों ने आपसी तालमेल और सौहार्दपूर्ण माहौल में अनुभव साझा किए।




