

मुजफ्फरपुर समाचार: शहर के सियासी गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई, जब महापौर ने अचानक स्थायी समिति की बैठक को स्थगित कर दिया। आखिर क्या थी वो वजह, जिसने महापौर को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया? जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।
मुजफ्फरपुर नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक को महापौर ने अचानक टाल दिया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला बैठक शुरू होने से ठीक पहले लिया गया, जिससे समिति के सदस्यों में कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति बन गई। महापौर के इस कदम ने शहर के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
बैठक टालने की क्या रही वजह?
बैठक स्थगित करने के पीछे महापौर का स्पष्ट तर्क था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे किसी भी संलेख (ड्राफ्ट) पर बिना उसे पूरी तरह पढ़े और समझे कोई निर्णय नहीं लेंगी। महापौर का मानना है कि महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर जल्दबाजी में या बिना समुचित जानकारी के फैसला लेना जनहित में नहीं होगा। इसी प्रतिबद्धता के चलते उन्होंने बैठक को फिलहाल के लिए टालना उचित समझा।
महापौर का स्पष्टीकरण
महापौर ने अपने बयान में जोर दिया कि उनका उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडा आइटम होते हैं, जिनका सीधा प्रभाव शहर के विकास और आम जनता पर पड़ता है। ऐसे में, हर एक बिंदु का गहन अध्ययन और विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है। महापौर के इस रुख को कुछ लोग उनकी कार्यशैली में गंभीरता के तौर पर भी देख रहे हैं।
निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
इस घटना ने नगर निगम के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं पर एक नई बहस को जन्म दिया है। महापौर ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे किसी भी दबाव में आकर ऐसे फैसलों पर मुहर नहीं लगाएंगी, जिनके बारे में उन्हें पूरी जानकारी न हो। यह कदम न केवल एक मजबूत प्रशासकीय इच्छाशक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह भी इंगित करता है कि आने वाले समय में नगर निगम की कार्यप्रणाली में अधिक सावधानी और नियमानुसार कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। अगली बैठक की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

