

मुजफ्फरपुर न्यूज़: सरकारी महकमे में लापरवाही बरतने वालों पर अब गाज गिरने लगी है। मुजफ्फरपुर में एक बड़े अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। आखिर क्यों रोका गया इस अधिकारी का वेतन, जानिए पूरा मामला।
मुजफ्फरपुर में सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब कड़ा रुख अख्तियार किया जा रहा है। इसी कड़ी में, जिले के एक नियोजन पदाधिकारी का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय कार्यों में उनकी कथित लापरवाही के कारण की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आखिर क्यों हुई कार्रवाई?
मिली जानकारी के अनुसार, नियोजन पदाधिकारी पर अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता न दिखाने का आरोप है। उनके द्वारा संपादित किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों में विलंब और ढिलाई पाई गई थी, जिस पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद यह कठोर कदम उठाया गया है।
उच्चाधिकारियों का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों को समय पर और कुशलता से पूरा करना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें।
जिला स्तर पर भी यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या अनावश्यक विलंब न हो। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि उनके विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी पर भी समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


