

मुजफ्फरपुर के पारू से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक मां ने ममता की सारी हदें पार करते हुए अपने ही नवजात को जन्म के तुरंत बाद बेच दिया। इस संगीन मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और एक आशा कार्यकर्ता को हिरासत में लिया है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
प्रसूता ने बेचा नवजात, आशा कार्यकर्ता भी हिरासत में
मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक प्रसूता ने अपने नवजात शिशु को जन्म देने के तुरंत बाद कथित तौर पर बेच दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई करते हुए नवजात की मां और इस पूरी घटना में कथित रूप से शामिल एक आशा कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना पारू के स्थानीय क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि नवजात को बेचने के बाद इलाके में यह खबर तेजी से फैली। लोगों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रभाव से जांच शुरू की। यह खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और गुस्सा है, वहीं कई लोग इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस जांच और संभावित रैकेट
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले प्रसूता महिला से पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस को इस मामले में एक आशा कार्यकर्ता की भूमिका भी संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसे भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अब दोनों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस बच्चे को किसे बेचा गया और इस सौदे में और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या यह कोई अकेला मामला है या फिर इस इलाके में नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त का कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।
समाज में हड़कंप और भविष्य की कार्रवाई
इस खबर के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को कैसे बेच सकती है। वहीं, आशा कार्यकर्ता की संलिप्तता ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि आशा कार्यकर्ताएं स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

