
दरभंगा न्यूज: क्या नवंबर महीने में अपराधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस कामयाब रही? शहर में बढ़ रहे अपराध और शराब तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन का अगला कदम क्या होगा? इन तमाम गंभीर सवालों के बीच दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक ने एक अहम बैठक कर सभी थाना प्रभारियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
08 दिसंबर 2025 को दरभंगा पुलिस कार्यालय में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने नवंबर माह – 2025 की मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर गहन चर्चा हुई।बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, पुलिस उपाधीक्षक रक्षित, सभी अंचल पुलिस निरीक्षक, सभी थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में पुलिसिंग को मजबूत करने और अपराध के खिलाफ एक ठोस रणनीति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
अपराध समीक्षा: आंकड़ों पर पैनी नज़र
वरीय पुलिस अधीक्षक ने थानावार लंबित कांडों, नवंबर माह में दर्ज हुए नए मामलों और निष्पादित किए गए केसों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान हत्या, डकैती, लूट और दहेज हत्या जैसे संगीन अपराधों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। समीक्षा का मुख्य बिंदु यह था कि किन क्षेत्रों में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और कौन से मामले अब भी अनसुलझे हैं।गोष्ठी में मुख्य रूप से अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था के संधारण पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाएं और कानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखें।
SSP के सख़्त निर्देश: एक्शन में दरभंगा पुलिस
अपराध गोष्ठी के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए, जिनका तत्काल प्रभाव से पालन करना अनिवार्य है। इन निर्देशों का उद्देश्य जिले में अपराध पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना और आम जनता को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है:
- गुंडा पंजी का अपडेट: सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे सक्रिय अपराधियों का नाम, पता और उनके द्वारा किए गए अपराधों का विस्तृत विवरण गुंडा पंजी में अद्यतन करें। यह कदम अपराधियों की गतिविधियों पर नज़र रखने में सहायक होगा।
- ई-साक्ष्य ऐप का उपयोग: महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित वीडियो और अन्य ई-साक्ष्य को नियमानुसार ई-साक्ष्य ऐप पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।
- शराब बंदी पर सख्ती और चोरी पर लगाम: शराब बंदी कानूनों का उल्लंघन करने वाले और शराब तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, जिले में आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सघन गश्ती और विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
- फरियादियों से शालीनता: थाना में आने वाले फरियादियों और आवेदकों से शालीनतापूर्वक पेश आने, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने और त्वरित जांच के उपरांत विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।
- न्यायालयीन परिवाद पर त्वरित FIR: न्यायालय से प्राप्त परिवाद पत्रों पर बिना किसी देरी के त्वरित प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा सके।
- डायल 112 का त्वरित निपटारा: डायल 112 पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आपातकालीन सेवाओं की प्रभावी पहुँच बनी रहे।
- दैनिक थाना मीटिंग: प्रत्येक दिन थानाध्यक्ष को थाना में प्रतिनियुक्त अधिकारियों के साथ सुबह की मीटिंग कर कार्य आवंटित करने (टास्किंग) का निर्देश दिया गया, जिससे दैनिक कार्यों में समन्वय और दक्षता बनी रहे।
इन निर्देशों के माध्यम से दरभंगा पुलिस ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।




