

मधुबनी न्यूज़: एक भयानक रात, जिसने दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। रविवार देर रात लगी भीषण आग ने न केवल उनके आशियानों को जलाकर राख कर दिया, बल्कि उनकी खुशियों को भी पलभर में छीन लिया। क्या थी इस अग्निकांड की वजह और कैसे बदल गई ज़िंदगी?
घोघरडीहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरौती पंचायत के वार्ड नंबर 10 स्थित शत्रुपट्टी गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना घटित हुई। जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिसने देखते ही देखते दो घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
आशियाने हुए राख, खुशियों पर पड़ा ग्रहण
इस भीषण अग्निकांड में दो परिवारों के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। घर में रखा सारा सामान, अनाज, कपड़े और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं जलकर राख हो गईं। पीड़ित परिवारों के पास अब सिर छुपाने के लिए छत और गुजारा करने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। उनकी सालों की जमा पूंजी और सपने इस आग की भेंट चढ़ गए।
घटना के बाद से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके लिए यह सिर्फ घरों का जलना नहीं, बल्कि सालों की मेहनत और सपनों का राख में बदल जाना है। स्थानीय लोग और प्रशासन अब इन बेघर हुए परिवारों की मदद के लिए आगे आने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे इस मुश्किल घड़ी से उबर सकें। शुरुआती जांच में आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या चूल्हे से निकली चिंगारी की आशंका जताई जा रही है।
पीड़ितों की मदद को हाथ बढ़ाने की उम्मीद
ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को ऐसी घटनाओं की रोकथाम और पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके और प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।


