
ढाका: कभी भारत के लिए एक भरोसेमंद ग्राहक माना जाने वाला बांग्लादेश अब कॉटन के आयात के लिए नए विकल्पों की ओर देख रहा है। दुनिया के सबसे बड़े रेडीमेड गारमेंट निर्यातकों में से एक बांग्लादेश के लिए ब्राजील अब कपास का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है, जिससे भारत का दशकों पुराना दबदबा खतरे में पड़ गया है। क्या सिर्फ व्यापारिक समीकरण बदल रहे हैं या इसके पीछे कुछ गहरे राजनीतिक संकेत छिपे हैं?
बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट निर्यातक है। यह सेक्टर देश की कुल निर्यात आय का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखता है और इसकी वार्षिक जीडीपी में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान देता है। इस महत्वपूर्ण क्षेत्र से लगभग 40 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है, जो इसे बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाता है।
भारत का दबदबा कैसे टूटा?
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ब्राजील ने भारत को पछाड़कर बांग्लादेश का शीर्ष कपास सप्लायर बन गया है। यह बदलाव तब आया है जब बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर नई सरकार बनी है। मार्केटिंग वर्ष 2024-25 (अगस्त 2024-जुलाई 2025) में बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 8.28 मिलियन गांठ कपास का आयात किया। इनमें से ब्राजील ने 1.9 मिलियन गांठ (बाजार का 25 प्रतिशत) की आपूर्ति की, जबकि भारत 1.4 मिलियन गांठ (15 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया। ठीक एक साल पहले, भारत 1.79 मिलियन गांठ और 23 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे था।
यह महत्वपूर्ण व्यापारिक बदलाव बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल के कुछ ही महीनों बाद आया है, जो केवल आर्थिक नहीं बल्कि भू-राजनीतिक संबंधों में भी बदलाव का संकेत देता है।
रिश्तों में आई कड़वाहट की लंबी फेहरिस्त
हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर कड़वाहट आई है। इन मुद्दों में शामिल हैं:
- चीन के साथ बांग्लादेश की बढ़ती नजदीकी।
- पाकिस्तान के साथ संबंधों को सुधारने की बांग्लादेश की कोशिशें।
- भारत से अवैध बांग्लादेशियों को वापस सीमा पार धकेला जाना।
- ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद यूनुस सरकार की शेख हसीना को भारत से वापस भेजने की मांग पर भारत की ओर से आधिकारिक जवाब न मिलना।
- गंगा-तीस्ता जल बंटवारे जैसे कई लंबित मुद्दे।
इन तल्ख रिश्तों और कच्चे कपास के आयात में गिरावट के बावजूद, भारत अभी भी बांग्लादेश को कॉटन यार्न का एक प्रमुख सप्लायर बना हुआ है। मार्केटिंग वर्ष 2024-25 में बांग्लादेश के कुल यार्न आयात का 82 प्रतिशत हिस्सा भारत से है, जो दिखाता है कि कुछ क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध अब भी मजबूत बने हुए हैं।
अन्य देशों की भूमिका और बढ़ती मांग
बांग्लादेश के कपास आयात में अन्य बड़े सप्लायर्स में संयुक्त राज्य अमेरिका (7 प्रतिशत शेयर), ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी अफ्रीका के कई देश शामिल हैं। हालांकि, कोई भी देश ब्राजील के नए और बढ़ते आयात वॉल्यूम के करीब नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्केटिंग वर्ष 2024-25 में कुल कपास आयात 2023-24 में आयात किए गए 7.8 मिलियन बेल्स से 5.2 प्रतिशत अधिक है। बांग्लादेश में स्पिनिंग इंडस्ट्री कच्चे कपास का उपयोग कॉटन यार्न और मिक्स्ड यार्न दोनों तरह के धागे बनाने के लिए करती है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।





