
समस्तीपुर न्यूज़: एक दिन… सोलह घंटे… और भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ऐसा अभियान, जिसने बिना टिकट यात्रा करने वालों के होश उड़ा दिए। समस्तीपुर रेल मंडल ने बुधवार को एक मेगा चेकिंग ड्राइव चलाकर हज़ारों यात्रियों को रंगे हाथ पकड़ा। रेलवे की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल लाखों रुपये का राजस्व वसूला, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समस्तीपुर मंडल में चला विशेष अभियान
रेलवे सूत्रों के अनुसार, समस्तीपुर मंडल में बिना उचित प्राधिकार के यात्रा करने वाले यात्रियों पर नकेल कसने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 9 दिसंबर 2025 को मंडल के विभिन्न रेलखंडों पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, यानी पूरे 16 घंटे का एक किला बंदी टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा को हतोत्साहित करना था।
हज़ारों यात्री पकड़े गए, लाखों का राजस्व वसूला
इस मेगा अभियान में रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ जवानों सहित लगभग 206 टिकट जांच कर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने स्टेशनों और ट्रेनों में सघन जांच की। अभियान के दौरान कुल 5446 ऐसे मामले पकड़े गए जहाँ यात्री बिना टिकट या बिना उचित प्राधिकार के यात्रा कर रहे थे। इन सभी से जुर्माने के तौर पर कुल 46.04 लाख रुपये का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। यह राशि रेलवे के खाते में जमा कर दी गई है।
मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर फोकस
इस विशेष जांच अभियान के तहत मंडल के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी गई थी। इनमें समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, रक्सौल, नरकटियागंज, बापूधाम मोतिहारी, जयनगर और सीतामढ़ी जैसे प्रमुख जंक्शन शामिल थे। जांच दल ने इन स्टेशनों के सभी एफओबी (फुट ओवर ब्रिज), प्रवेश और निकास द्वार, प्रतीक्षालय और प्लेटफार्मों पर पैनी नजर रखी।
रेलवे की सख्त चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि इससे रेलवे को राजस्व का भी भारी नुकसान होता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







