spot_img

टैरिफ-विरोध सब धड़ाम! चीन ने बनाया $1 ट्रिलियन का ट्रेड रिकॉर्ड, जानें कैसे?

spot_img
- Advertisement -

दुनिया सोच रही थी कि अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ और वैश्विक विरोध चीन को घुटनों पर ले आएगा। सप्लाई चेन शिफ्ट की बातें भी खूब हुईं, लेकिन ड्रैगन ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। नवंबर में ही चीन का ट्रेड सरप्लस 1.08 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल दिसंबर में दर्ज हुआ था। आखिर कैसे? यही सवाल अब पूरी दुनिया पूछ रही है।

- Advertisement -

चीन के व्यापार संतुलन में यह उछाल ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिनका मकसद चीन की अर्थव्यवस्था को धीमा करना था। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर चीन के उत्पादों और व्यापार नीतियों को लेकर विरोध का माहौल था। कई देशों ने अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर ले जाने की कोशिशें भी कीं, लेकिन इन सबके बावजूद चीन ने अपना निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर बनाए रखा।

- Advertisement -

टैरिफ और वैश्विक विरोध का चीन पर असर क्यों नहीं हुआ?

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की इस शानदार सफलता के पीछे तीन मुख्य कारक हैं – इनोवेशन (नवाचार), टेक्नोलॉजी में बढ़त और लागत में किफायत। जहां एक ओर अमेरिकी टैरिफ के चलते अमेरिका को निर्यात महंगा होता जा रहा था (जो लगभग 47.5% तक पहुंच गए थे), वहीं चीन ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया। उसने अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाई।

- Advertisement -

चीन ने यूरोपीय देशों में अपने निर्यात में 15% की वृद्धि दर्ज की, जबकि ऑस्ट्रेलिया में यह छलांग 36% की रही। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में भी चीन के उत्पादों की मांग में 8% की बढ़ोतरी हुई। इसका सीधा मतलब यह है कि चीन ने सफलतापूर्वक नए वैश्विक बाजार खोल लिए, जिससे अमेरिकी टैरिफ का असर कम हो गया।

युआन को कमजोर रखकर चीन ने कैसे जीती बाजी?

एक और महत्वपूर्ण रणनीति थी युआन को जानबूझकर कमजोर रखना। चीन ने अपनी मुद्रा युआन को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सस्ता रखा, जिससे उसके उत्पाद वैश्विक स्तर पर और भी अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी बन गए। यह रणनीति न केवल चीन के निर्यात को बढ़ावा देती है, बल्कि उसे दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश भी बनाती है, जो जापान से कहीं आगे है।

यह स्थिति कई बड़े सवाल खड़े करती है: क्या हम एक नए वैश्विक व्यापार व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं? क्या चीन आज भी दुनिया का विनिर्माण महाशक्ति बना हुआ है, या अब वह उससे भी आगे निकल गया है? इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन का दबदबा कम नहीं हुआ है, बल्कि वह नए तरीकों से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga News सावन की अंतिम सोमवारी पर भक्तों को लगा झटका! जाले गंगेश्वरनाथ में रद्द हुई हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा – निराशा

Bihar Sawan Somwari: सावन की अंतिम सोमवारी पर जाले के गंगेश्वरनाथ धाम में प्रस्तावित हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा रद्द हो गई। इस खबर से दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में गहरी मायूसी फैल ग#BiharSawan,#Gangeshwarnath,#JaleNews

Bihar Education बिहार के 3 लाख छात्रों को बड़ी राहत: अब 24 घंटे मुफ्त मिलेगी AI वाली पढ़ाई! CM Samrat की क्या है ‘बिहार...

Bihar Education: बिहार में अब छात्रों को AI आधारित मुफ्त शिक्षा मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'बिहार विद्या साथी' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिससे 3 लाख विद्यार्थियों को 24 घं#BiharEducation,#BiharVidyaSathi,#SamratChoudhary

भागलपुर में गंगा का कहर: बांध टूटा!काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त, भागलपुर में बढ़ा दबाव

Bihar Flood News: भागलपुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से काजीकोरैया-राघोपुर बांध क्षतिग्रस्त हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से फरक्का बराज के#BiharFloodNews,#Bhagalpur,#SamratChoudhary

दानापुर के हजारों घरों में अब आएगा नल से शुद्ध पानी! अमृत 2.0 योजना से बदलेगी तस्वीर -बिछेगा 63 KM का नया जाल...

Danapur Water Supply: पटना के दानापुर में अब शुद्ध पेयजल की समस्या खत्म होगी। केंद्र की अमृत 2.0 योजना के तहत दानापुर पेयजल आपूर्ति योजना को ₹93.56 करोड़ की मंजूरी मिली है। इससे 5,87#DanapurWaterSupply,#AMRUT2_0,#BiharNews