

मधुबनी न्यूज़: नगर भवन में बुधवार को एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने जिले के भविष्य की तस्वीर साफ कर दी। मौका था राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का, जहां छोटे वैज्ञानिकों ने बड़े-बड़े आइडियाज से सबको चौंका दिया। खुद जिलाधिकारी आनंद शर्मा भी छात्रों की प्रतिभा देख अभिभूत हो गए।
मधुबनी के नगर भवन में बुधवार को राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनी सह जिला स्तरीय/प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिक्षा, विज्ञान और नवाचार से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ज्ञानवर्धक पहल का हिस्सा बनकर इसे सफल बनाया।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके विचारों, प्रयोग की विधियों और उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। छात्रों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में नवाचार की भावना को बढ़ावा देते हैं और उन्हें भविष्य के वैज्ञानिकों, अभियंताओं व शोधकर्ताओं के रूप में विकसित होने की दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विज्ञान हमें सोचने और जीतने की शक्ति देता है, और यह हमारे जीवन के हर पल में अपरिहार्य है।
मुख्य विषय और अनोखे आविष्कार
इस विज्ञान प्रदर्शनी के मुख्य विषयों में “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार”, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम युग की संभावनाएं और चुनौतियाँ, तथा प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग शामिल थे। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स ने समाजोपयोगी नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, ऊर्जा और स्मार्ट समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से दर्शाया।
छात्रों के कुछ प्रमुख और आकर्षक प्रोजेक्ट्स:
- वर्षा जल से विद्युत उत्पादन
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष सब्जी फ्रिज
- दिव्यांगजनों को सड़क पार करते समय दुर्घटनाओं से बचाने वाला अल्ट्रासोनिक सेंसर
- छोटा कोल्ड स्टोरेज (मिनी कोल्ड स्टोरेज)
- एक स्थायी शहर (सस्टेनेबल सिटी) का मॉडल
- आत्महत्या रोकने के उद्देश्य से बनाया गया एक अनोखा नवाचार
लदनियां प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, महथा के छात्र सौरव कुमार और नैतिक कुमार द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स ने भी दर्शकों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया।
शिक्षा और नवाचार का महत्व
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय अविष्कार अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें प्रयोगात्मक और खोजपरक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करें और उन्हें प्रश्न पूछने के साथ-साथ नए समाधान खोजने के लिए भी प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रकार के मंच बालकों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करते हैं, जो ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आगे की राह और समापन
इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। प्रतियोगिता में चयनित उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को आगामी खंडीय, जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए भेजने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों को भविष्य में भी नवाचार एवं वैज्ञानिक गतिविधियों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। यह पूरा आयोजन उत्साहपूर्ण, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एडीएम मुकेश रंजन, उप निदेशक जनसंपर्क परिमल कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश कुमार पाठक, डीपीओ सर्व शिक्षा, डीपीओ मध्याह्न भोजन सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

