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भारत बन रहा AI की महाशक्ति, दिग्गज टेक कंपनियों ने झोंकी अरबों डॉलर की दौलत

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दिल्ली समाचार: भारत, दुनिया की उभरती हुई तकनीकी महाशक्ति, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के एक नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। एक तरफ जहां दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियां भारत में अरबों डॉलर का भारी-भरकम निवेश कर रही हैं, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इस निवेश का देश और लोगों पर क्या असर पड़ेगा? क्या यह निवेश भारत के तकनीकी परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगा?

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AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत का बढ़ता दबदबा

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बुनियादी ढांचे पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। जिस रफ्तार से इसमें विदेशी निवेश बढ़ रहा है, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत जल्द ही वैश्विक AI मानचित्र पर एक अहम स्थान हासिल कर लेगा। यह न केवल देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

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माइक्रोसॉफ्ट का भारत में अब तक का सबसे बड़ा निवेश

इस सिलसिले में अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) सबसे आगे है। कंपनी ने हाल ही में 2026 से 2029 के बीच भारत में 17.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये) के बड़े निवेश का ऐलान किया है। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सत्या नडेला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद ‘X’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह एशिया में उनका अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। इस निवेश का उद्देश्य भारत के AI-फर्स्ट भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, कौशल और सॉवरेन क्षमताएं विकसित करना है।

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अमेजन, गूगल और मेटा भी मैदान में

निवेश के मामले में अन्य दिग्गज कंपनियां भी पीछे नहीं हैं।

  • अमेजन: बीते बुधवार को अमेजन ने घोषणा की कि कंपनी 2030 तक भारत में अपना कुल निवेश बढ़ाकर 3.15 लाख करोड़ रुपये (35 अरब डॉलर) से अधिक कर देगी। इसके अलावा, इसी महीने कंपनी ने तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 1.14 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की भी घोषणा की है।
  • गूगल: अक्टूबर में गूगल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक डेटा सेंटर और एआई हब के विकास पर अगले पांच सालों में 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही है।
  • मेटा: फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी में एआई सॉल्यूशंस के लिए 900 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) के शुरुआती निवेश की घोषणा कर चुकी है।

निवेश से मिलेगा रोजगार और अर्थव्यवस्था को बूस्ट

भले ही पिछले कुछ समय से AI के कारण कई संस्थानों में छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन इन बड़ी कंपनियों के भारी-भरकम निवेश से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की भी प्रबल संभावनाएं हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जहां तकनीकी उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में विदेशी कंपनियों का यह निवेश:

  • स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा देगा।
  • नए-नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
  • अर्थव्यवस्था को गति देगा और जीडीपी को और मजबूत करेगा।
  • देश को और तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा।

यदि देश का AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, तो इससे स्वास्थ्य सेवा से लेकर शिक्षा और कृषि तक तमाम सेक्टरों में तेजी आएगी, स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और नए निवेश में भी बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में हर कहीं AI का इस्तेमाल बढ़ेगा।

क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? एक विशेषज्ञ की राय

आईआईएमसी के प्रोफेसर और सामाजिक व राजनीतिक विषयों के जानकार शिवाजी सरकार बताते हैं कि AI कोई नई तकनीक नहीं है। यह एक मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो आपके काम को तेजी से अपने सिस्टम में उतार लेता है। उदाहरण के लिए, चैटजीपीटी को ही ले लीजिए। दो साल पहले जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब यह कई सवालों का सही जवाब नहीं दे पाता था, लेकिन आज वही चैटजीपीटी आपके हर सवाल का जवाब तुरंत दे देता है। यह आपके द्वारा दी गई जानकारी को ही आप तक पहुंचाता है। वह आगे कहते हैं, AI को आप ‘ऑफिशियल प्लेगरिज्म’ भी कह सकते हैं, जो आप ही की चीज को आपको परोसता है।

प्रोफेसर सरकार के अनुसार, AI अपने आप में कोई खतरा नहीं है। जब आप कहीं भी किसी सिस्टम में किसी भी फॉर्मेट में कोई इनपुट डालते हैं, तो AI उसे अनुकूलित कर एक नई जानकारी तैयार करता है। यह जानकारी सही है या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में, यह कहना गलत नहीं होगा कि AI से आपकी प्राइवेसी को खतरा हो सकता है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ने का कारण

AI का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है, क्योंकि यह तेजी से समाधान उपलब्ध कराता है। किसी काम को करने या परिणाम को प्रोसेस करने में लगने वाले समय में AI काफी बचत करता है। कंपनियों द्वारा AI इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश बढ़ने का मुख्य कारण यह है कि वे इसके इस्तेमाल से बाजार में तेजी से आगे बढ़ना और अपने जैसी दूसरी कंपनियों को पीछे छोड़ना चाहती हैं, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सके।

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