back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 10, 2026
spot_img

Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या 2025 पर करें पितृ तर्पण और सूर्य उपासना, जानें महत्व और उपाय

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Paush Amavasya 2025: सनातन धर्म में पौष अमावस्या को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी तिथि माना गया है। यह दिन पितरों की शांति, सूर्य देव की उपासना और अक्षय पुण्य कमाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है।
# Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या 2025 पर करें पितृ तर्पण और सूर्य उपासना, जानें महत्व और उपाय

- Advertisement -

## Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या 2025 का महत्व और धार्मिक विधान

- Advertisement -

सनातन धर्म में पौष अमावस्या को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी तिथि माना गया है। यह दिन पितरों की शांति, सूर्य देव की उपासना और अक्षय पुण्य कमाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है। इस शुभ अवसर पर स्नान, दान और धार्मिक कर्मकांडों का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन तिथि पर श्रद्धापूर्वक किए गए कल्याणकारी कार्य व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार करते हैं। यदि आप किसी प्रकार के **पितृ दोष** से मुक्ति चाहते हैं, तो पौष अमावस्या का दिन आपके लिए विशेष रूप से फलदायी सिद्ध हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  महाशिवरात्रि 2026 Daan: शिव कृपा पाने के लिए करें इन वस्तुओं का दान

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

### पौष अमावस्या पर स्नान और दान का विधान

* प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी, सरोवर अथवा घर पर ही गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
* स्नान के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* सूर्य देव को अर्घ्य दें, जिसमें जल में लाल चंदन, पुष्प और काले तिल मिलाएं।
* पितरों की शांति के लिए तर्पण करें और श्राद्ध कर्म संपन्न करें।
* ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करें।
* पीपल वृक्ष की पूजा करें और दीपक जलाएं।

### सूर्य उपासना का महत्व

| तिथि | विशेष महत्व |
| :————– | :———————————————– |
| पौष अमावस्या 2025 | पितृ शांति, सूर्य उपासना और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम |

यह भी पढ़ें:  विजया एकादशी 2026: जानिए व्रत के नियम और महत्व

पौष मास भगवान सूर्य को समर्पित माना जाता है और अमावस्या तिथि का संयोग इसे और भी अधिक पुण्यकारी बना देता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं, जिससे यह आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष ऊर्जावान बन जाती है। इस दिन किए गए कर्मों का फल अनंत गुना होकर प्राप्त होता है।

### पितृ तर्पण और शांति के उपाय

मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध और तर्पण से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है और वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त किया गया दान-पुण्य सीधे उन तक पहुंचता है और उन्हें शांति प्रदान करता है।

### मंत्र जाप का विशेष फल

पौष अमावस्या के दिन निम्नलिखित मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है:

यह भी पढ़ें:  Mangalwar Rules: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा के नियम और महत्व

> ॐ श्रीं श्रीं श्रीं सूर्याय नमः।

> ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वधा नमः।

यह मंत्र जाप आपकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने में सहायक होते हैं।

पौष अमावस्या का यह पावन दिन हमें अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और प्रकृति के प्रति सम्मान दर्शाने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए कर्म अवश्य ही शुभ फल प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना, चींटियों को आटा डालना और गरीबों को भोजन कराना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस प्रकार, पौष अमावस्या का विधिवत पालन कर आप अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि को आकर्षित कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

महाशिवरात्रि 2026 दान: महादेव की कृपा पाने के लिए करें इन वस्तुओं का दान

Mahashivratri 2026 Daan: महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता...

‘बॉर्डर 2’ और ‘मर्दानी 3’ का जलवा जारी, जानिए कुल Box Office Collection!

Box Office Collection: सिनेमाघरों में इन दिनों दो बड़ी फिल्मों 'बॉर्डर 2' और 'मर्दानी...

Astronaut बनने का सपना कैसे करें साकार? जानें पूरी प्रक्रिया और योग्यता

Astronaut: अंतरिक्ष में जाने का सपना बचपन से ही कई लोगों को रोमांचित करता...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें