



Katihar News: बिहार के कटिहार में मंगलवार को कुछ ऐसा ही हृदय विदारक दृश्य सामने आया, जब एक युवक अंचल कार्यालय के कथित रवैये से त्रस्त होकर सीधे जिला पदाधिकारी (डीएम) के पैरों में लिपटकर फफक-फफक कर रोने लगा। युवक ने रुंधे गले से डीएम से गुहार लगाते हुए कहा, ‘हम मर जाएंगे सर, इंसाफ नहीं मिला तो आत्महत्या कर लेंगे।’ यह मार्मिक घटना पकड़िया निवासी सत्यम उर्फ छोटू सिंह के साथ घटी, जिसने न्याय की आस में अपनी सारी उम्मीदें डीएम के सामने रख दीं।
इस गंभीर मामले को डीएम ने तुरंत संज्ञान में लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि युवक का एक महत्वपूर्ण जमीनी विवाद ‘टाइटल वाद’ के अधीन चल रहा है। छोटू सिंह पिछले आठ माह से डीसीएलआर (उप समाहर्ता भूमि सुधार) के आदेश की प्रति लेकर लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी की जा रही थी।
युवक ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए बताया कि अंचल कार्यालय के कर्मी न तो उसकी बात सुनते हैं और न ही उसे कोई स्पष्ट जवाब देते हैं, बल्कि कई बार उसे कार्यालय से धक्के मारकर भगा दिया गया। ऐसी लापरवाही के चलते आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। छोटू सिंह की आपबीती सुनकर डीएम ने तत्काल अपर समाहर्ता (एडीएम) विनोद कुमार को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
Katihar News: अंचल कार्यालय की कार्यशैली पर उठे सवाल
डीएम ने युवक को भरोसा दिलाया कि इस दिशा में बहुत जल्द ठोस कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी जमीन पर टाइटल वाद लंबित रहते हुए अंचल स्तर पर उसका निपटारा नहीं किया जा सकता है। इसके समाधान के लिए विधिक और प्रशासनिक पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। इस घटना से अंचल और प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया है, और सभी की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
फरियादी छोटू सिंह ने बताया कि उसका जमीनी विवाद इतना बढ़ चुका है कि उसे जीवन असहनीय लगने लगा है। डीसीएलआर न्यायालय से उसके पक्ष में फैसला आए हुए आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अंचल कार्यालय में उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। सीओ (अंचल अधिकारी) से शिकायत करने पर भी कोई राहत नहीं मिली। छोटू सिंह ने भरे मन से कहा कि अगर उसे अब भी न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस दौरान डीएम कार्यालय के बाहर युवक को रोता देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। डीएम के सुरक्षाकर्मियों ने युवक को शांत कराया और उसे वहां से हटाया। छोटू सिंह का आरोप था कि अंचल कार्यालय में फरियादियों की बात नहीं सुनी जाती, बल्कि काम के बदले बहाने बनाकर उन्हें टहलाया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डीसीएलआर के आदेश के बावजूद भटक रहा फरियादी
युवक ने बताया कि डीसीएलआर के आदेश के बावजूद उसकी जमीन पर उसे दखल नहीं दिलाया जा रहा है, जिससे उसकी परेशानी बढ़ती जा रही है। डीएम ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक किसी भूमि पर टाइटल वाद चल रहा होता है, तब तक अंचल के स्तर पर कोई कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में त्वरित और नियमानुसार समाधान निकालने का निर्देश दिया है। ऐसी घटनाओं से सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाज़मी है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


