

Madhubani News: स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच अब हर घर तक पहुंचेगा, गरीब और वंचितों को मिलेगी मुफ्त इलाज की गारंटी। बिहार के मधुबनी जिले में एक बड़े अभियान की शुरुआत होने जा रही है, जिसका उद्देश्य हर पात्र नागरिक को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ देना है।
आयुष्मान कार्ड: विशेष अभियान की रूपरेखा और जिलाधिकारी के निर्देश
मधुबनी जिले में 16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदन कार्ड के निर्माण हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्देश को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में देर शाम जारी किया। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के नागरिकों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके तहत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड निर्गत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदन कार्ड का निर्माण भी इसी अभियान का हिस्सा होगा।
अभियान के दौरान प्रत्येक गांव, पंचायत सरकार भवन और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ आयुष्मान कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बैठक में सभी पदाधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी अभियान को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड से आच्छादित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को वार्ड स्तर पर माइक्रो प्लान बनाकर कार्य सुनिश्चित करने को कहा। सभी जिला स्तरीय अधिकारी इस प्रक्रिया की सतत निगरानी करेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को, उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, आयुष्मान वय वंदना कार्ड से अनिवार्य रूप से आच्छादित किया जाना चाहिए। छूटे हुए सभी लाभुकों को आयुष्मान कार्ड से जोड़ा जाएगा। इन शिविरों के आयोजन में CSC संचालक, आशा कार्यकर्ता, पंचायती राज कार्यपालक सहायक और अन्य ऑपरेटरों का सहयोग लिया जाएगा।
अभियान का क्रियान्वयन और तकनीकी सहयोग
जिला स्तर पर अभियान के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सिविल सर्जन और डीपीसी को दी गई है। जिला स्तर पर आशा एवं पंचायत कार्यपालक सहायक के यूजर आईडी रिएक्टिवेशन और नए आईडी निर्माण की जिम्मेदारी ABDM के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर को सौंपी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन्हें संपूर्ण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता प्रदान करने का भी दायित्व दिया गया है, जबकि प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक इस कार्य को देखेंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर, पंचायत सेवक शिविरों की भौतिक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। कार्ड निर्माण प्रक्रिया का संचालन निर्धारित प्रशिक्षित ऑपरेटरों के माध्यम से किया जाएगा। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने स्तर पर पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर पात्र लाभार्थियों को निर्धारित तिथि पर शिविरों तक लाने का अनुरोध करेंगे। ग्राम पंचायत हेतु तैयार माइक्रो प्लान के अनुरूप, शिविर स्थल पर वैसे पात्र लाभार्थी जिनका कार्ड निर्माण नहीं हुआ है, उन्हें अनिवार्य दस्तावेजों के साथ लाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड सदस्य, जीविका दीदी, आशा तथा एएनएम की होगी।
अनिवार्य दस्तावेज़:
- व्यक्तिगत पहचान हेतु आधार कार्ड
- पारिवारिक सदस्य सत्यापन हेतु राशन कार्ड
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जिलाधिकारी ने कॉमन सर्विस सेंटर (वसुधा केंद्र) के जिला प्रबंधक और समन्वयक को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी सक्रिय VLE (ग्राम स्तरीय उद्यमी) को इस कार्य में तत्परता से लगाएं और VLE-वार तथा पंचायत-वार दैनिक प्रतिवेदन आयुष्मान भारत कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराएं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बनाए गए आयुष्मान कार्ड का दैनिक प्रतिवेदन जिला सामुदायिक उत्प्रेरक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। पंचायत कार्यपालक सहायकों को भी अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने और दैनिक प्रतिवेदन समाहरणालय के IT प्रबंधक को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
संपूर्ण अभियान के दौरान प्रखंड स्तर पर इसका अनुश्रवण प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी करेंगे, जिसमें सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान कार्ड का निर्माण एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है, जिसे मोबाइल एप्लीकेशन (आयुष्मान ऐप) के द्वारा बेनेफिसिअरी/लाभार्थी के रूप में किसी भी मोबाइल नंबर से लॉगिन करके स्वयं का या अन्य लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड बनाया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभियान के दौरान यदि ऑपरेटर आईडी में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आती है, तो बेनेफिसिअरी लॉगिन से भी आयुष्मान कार्ड का निर्माण किया जा सकता है। आयुष्मान कार्ड का निर्माण बायोमेट्रिक पहचान, चेहरे की पहचान, मोबाइल ओटीपी या आईरिस के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है।
जिला स्तर पर अनुश्रवण की जिम्मेदारी सिविल सर्जन और जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय के नामित पदाधिकारी को दी गई है, जिसमें डीपीएम और डीपीसी आयुष्मान भारत को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, डीपीएम पंकज मिश्रा, डीपीसी आयुष्मान भारत कुमार प्रियरंजन सहित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।



