
सिंहवाड़ा दरभंगा देशज टाइम्स।जिंदगी की डोर जब हवा से बातें करती सड़क पर टूटती है, तो पीछे छूट जाती हैं सिर्फ यादें और कसक। दरभंगा-मुजफ्फरपुर एनएच पर सिमरी गांव के युवाओं ने अपने खोए हुए साथियों की याद में कुछ ऐसा किया, जिसने हर राहगीर को सोचने पर मजबूर कर दिया।
सड़क सुरक्षा: सिमरी के युवाओं की मुहिम, अब नहीं होगा कोई हेलमेट बिना बेमौत शिकार
सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की अनूठी पहल
सिमरी गांव में एक महीने के भीतर अलग-अलग मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया था। इस असहनीय पीड़ा से मर्माहत गांव के युवाओं ने अपने मृत साथियों, 22 वर्षीय पुरुषोत्तम, 23 वर्षीय लाल बाबू और 21 वर्षीय आनंद कुमार को सच्ची श्रद्धांजलि देने का एक अनूठा तरीका ढूंढ निकाला। उन्होंने रविवार को दरभंगा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर सिमरी में एक अभियान चलाया, जिसके तहत बिना हेलमेट यात्रा कर रहे बाइक सवारों को रोका गया और उन्हें हेलमेट वितरित किए गए।
सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण युवक लगभग दो दर्जन हेलमेट लेकर एनएच पर सक्रिय हो गए। उनकी पैनी नजर दरभंगा या मुजफ्फरपुर की ओर से आने-जाने वाले उन बाइक सवारों पर थी, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सबसे पहले मुजफ्फरपुर के जीरोमाइल की ओर जा रहे मनोज कुमार नामक एक युवा को दरभंगा की दिशा से बिना हेलमेट आते देखा गया। ग्रामीणों ने हाथ जोड़कर उसे रोकने का इशारा किया और उसके सामने लगभग आधा दर्जन युवक खड़े हो गए।
उन्होंने मनोज कुमार से विनम्रतापूर्वक कहा, “हमारे गांव के तीन बाइक सवार युवकों की मौत मोटरसाइकिल दुर्घटना में हुई है। हम नहीं चाहते कि आप भी बिना हेलमेट के बाइक चलाकर अपनी जान जोखिम में डालें।” इसके बाद, ग्रामीणों ने उस युवक के सिर पर हेलमेट पहनाया और उससे सिर्फ एक वचन मांगा – “आप जब भी बाइक पर चलें, तो पहले हेलमेट अवश्य लगाएं।” शाम तक, लगभग डेढ़ दर्जन ऐसे बाइक सवारों को हेलमेट दिए गए, जो बिना हेलमेट यात्रा कर रहे थे, और उनसे सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प लिया गया।
युवाओं की इस प्रेरक पहल को देखकर मौके पर अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए और उन्होंने स्वेच्छा से इस अभियान में सहयोग करना शुरू कर दिया। अभियान में सक्रिय विवेक, हर्ष, आदित्य, गोपाल, अक्षत, दीपक, अमन, ऋषभ, विक्की, राजू, आशीष, कुणाल, कैलाश, शिव शंकर, ऋषि और निलेश ने बताया कि यह अभियान दरअसल मृतक पुरुषोत्तम के जन्मदिन के अवसर पर मुफ्त हेलमेट वितरण और सड़क सुरक्षा जागरूकता के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
युवाओं ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “जिनके साथ यह असहनीय घटना घटित हुई है, जो साथी हमें छोड़कर चले गए, वे तो वापस नहीं आ सकते। लेकिन इस तरह के प्रयासों से हम दूसरों की जिंदगी बचा सकते हैं।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उनका मानना है कि पुरुषोत्तम के जन्मदिन पर दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों को मुफ्त हेलमेट प्रदान करना ही मृतक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अभियान के तहत भविष्य में सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए कैंडल मार्च भी निकाले जाएंगे।
जागरूकता से ही बचेगी जान
यह घटनाक्रम न केवल सिमरी गांव के युवाओं की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास कितने आवश्यक हैं। सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करना न केवल हमारी अपनी जान बचाता है, बल्कि हमारे परिवार और समाज को भी ऐसी अकल्पनीय त्रासदी से बचाता है।




