



Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें प्रत्येक दिन की ग्रहों की सूक्ष्म स्थिति, शुभ-अशुभ काल और अन्य महत्वपूर्ण खगोलीय गणनाओं से अवगत कराता है। यह ज्ञान हमें अपने दिन की शुरुआत सही ऊर्जा और दिशा के साथ करने में सहायक होता है, जिससे सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हों और जीवन में सुख-शांति बनी रहे।
आज का पंचांग: 15 दिसंबर 2025 का संपूर्ण ज्योतिषीय मार्गदर्शन
आज का पंचांग और दैनिक जीवन में इसका प्रभाव
आज का पंचांग हमें शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति के बारे में बताता है, जिससे हम अपने महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय में शुरू कर सकते हैं और अशुभ समय से बच सकते हैं। पंचांग में ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, योग और करण के बारे में जानकारी होती है, जो हमारे जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सोमवार, 15 दिसंबर 2025 का दिन पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी उपरांत द्वादशी तिथि का शुभ संयोग लेकर आया है। इस पवित्र दिन पर ग्रहों और नक्षत्रों की चाल हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। विशेषकर आज **दिशा शूल** पूर्व दिशा में है, अतः पूर्व की यात्रा से बचें या यात्रा पर निकलने से पहले कुछ उपाय अवश्य करें। यह ज्ञान हमें प्रत्येक क्षण को प्रभावी ढंग से जीने में सहायता करता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
सोमवार 15 दिसंबर 2025 का पंचांग विवरण:
- आज का दिन भगवान शिव और चंद्रदेव को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
- तिथि: पौष कृष्ण एकादशी (प्रातः 10:50 बजे तक) उपरांत द्वादशी। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है, वहीं द्वादशी तिथि भी अत्यंत शुभ मानी जाती है।
- नक्षत्र: स्वाति नक्षत्र (सायं 06:20 बजे तक) उपरांत विशाखा। स्वाति नक्षत्र वायु तत्व का प्रतीक है, जो संचार और व्यापार के लिए शुभ माना जाता है।
- योग: आयुष्मान योग (दोपहर 01:30 बजे तक) उपरांत सौभाग्य योग। आयुष्मान योग दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद देता है।
- करण: बालव करण (प्रातः 10:50 बजे तक) उपरांत कौलव करण।
- सूर्योदय: प्रातः 07:00 बजे
- सूर्यास्त: सायं 05:30 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि 03:00 बजे (16 दिसंबर)
- चंद्रास्त: दोपहर 02:40 बजे
आज के दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त:
- यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने कार्यों को शुभ मुहूर्त में आरंभ करें ताकि वे सफल हों।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:50 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:20 बजे से प्रातः 06:10 बजे तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 02:40 बजे तक।
- गोधूलि वेला: सायं 05:20 बजे से सायं 05:45 बजे तक।
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:40 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक (16 दिसंबर)।
- राहुकाल: प्रातः 07:30 बजे से प्रातः 08:50 बजे तक। (इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।)
- यमगंड: प्रातः 10:10 बजे से प्रातः 11:30 बजे तक।
- गुलिक काल: दोपहर 01:00 बजे से दोपहर 02:20 बजे तक।
- दिशा शूल: पूर्व दिशा (इस दिशा में यात्रा से बचें)।
आज के दिन के लिए विशेष दैनिक अनुष्ठान और उपाय:
- प्रातःकाल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें, शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
- एकादशी और द्वादशी दोनों तिथियों का संयोग होने के कारण भगवान विष्णु की भी आराधना करें।
- आज के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें, विशेषकर अन्न और वस्त्र का दान पुण्यकारी होता है।
- आज के दिन आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो तो घर से दही या दलिया खाकर निकलें।
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:50 AM – 12:30 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:20 AM – 06:10 AM |
| विजय मुहूर्त | 02:00 PM – 02:40 PM |
| गोधूलि वेला | 05:20 PM – 05:45 PM |
| निशिता मुहूर्त | 11:40 PM – 12:30 AM |
| राहुकाल | 07:30 AM – 08:50 AM |
| यमगंड | 10:10 AM – 11:30 AM |
| गुलिक काल | 01:00 PM – 02:20 PM |
पंचांग का महत्व:
पंचांग केवल एक कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म में एक पवित्र मार्गदर्शक है जो हमें समय की दिव्यता और सूक्ष्मता को समझने में मदद करता है। इसमें निहित पांच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण) मिलकर एक ऐसे चक्र का निर्माण करते हैं जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है। प्रत्येक दिन का अपना विशेष महत्व और ऊर्जा होती है, जिसे पंचांग के माध्यम से जानकर हम अपने कर्मों को तदनुसार ढाल सकते हैं। यह हमें न केवल शुभ कार्यों के लिए सही समय चुनने में मदद करता है, बल्कि अशुभ प्रभावों से बचने के लिए भी सचेत करता है।
ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ।
(यह मंत्र भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने और दिन को शुभ बनाने के लिए प्रभावी है।)
निष्कर्ष और उपाय:
आज का यह पावन दिन पौष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी और द्वादशी का संगम है, जो भगवान शिव और विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है। पंचांग के इस विस्तृत विवरण के माध्यम से आप अपने दिन की योजना बना सकते हैं और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रहों की अनुकूलता बनाए रखने और नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना, भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना और सफेद वस्तुओं का दान करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। अपने इष्टदेव का स्मरण कर दिन का प्रारंभ करें, निश्चय ही आपका दिन मंगलमय होगा।

