
Odisha Pharma Summit: पूर्वी भारत के आर्थिक क्षितिज पर, ओडिशा अब दवा निर्माण के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ने जा रहा है। प्रदेश सरकार 16 दिसंबर को ‘ओडिशा फार्मा समिट 2025’ का आयोजन करने जा रही है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दवा एवं चिकित्सा उपकरण उद्योग के हितधारकों को एक मंच पर लाकर फार्मा क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश करना और निवेश को आकर्षित करना है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन राज्य की स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन देगा, जिससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ओडिशा फार्मा समिट: नई नीति से बदलेगी तस्वीर
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ‘ओडिशा फार्मास्युटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेस पॉलिसी 2025’ की शुरुआत करेगी। यह नई नीति विशेष रूप से फार्मा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने और जीवन विज्ञान क्षेत्र में व्यापक रोजगार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है।
सरकार इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण अवसंरचना को मजबूत करने और उद्योग विकास को बढ़ावा देने के लिए एक फार्मास्युटिकल पार्क और एक ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ के विकास की घोषणा भी कर सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
यह कदम ओडिशा को देश के फार्मा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। शिखर सम्मेलन में सरकार और विभिन्न प्रमुख कंपनियों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का लक्ष्य
यह आयोजन ओडिशा के फार्मा और स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप प्रदान करेगा, जिससे राज्य के युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य सरकार का यह प्रयास एक आत्मनिर्भर और समृद्ध ओडिशा के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।






