



Vastu Tips: हमारे घरों की दीवार पर लगी साधारण सी घड़ी केवल समय ही नहीं बताती, बल्कि यह हमारे जीवन में सुख-समृद्धि और दुर्भाग्य का कारण भी बन सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में हर वस्तु की अपनी एक विशेष जगह और दिशा होती है, जिसका सीधा प्रभाव घर के सदस्यों के जीवन पर पड़ता है। यदि दीवार पर लगी घड़ी सही दिशा और सही स्थान पर न हो तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है, जिससे बनते काम बिगड़ सकते हैं और आर्थिक परेशानियां भी आ सकती हैं। इसके विपरीत, वास्तु नियमों का पालन करते हुए घड़ी लगाने से घर में सकारात्मकता आती है और जीवन में उन्नति के नए द्वार खुलते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं कि दीवार घड़ी लगाते समय किन महत्वपूर्ण वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए ताकि आपके घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे।
Vastu Tips: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाएं सही दिशा में लगी घड़ियां
Vastu Tips: दीवार घड़ी से जुड़े ये वास्तु नियम जानेंगे तो बरसेगी कृपा
घरों में लटकी घड़ियां जितनी साधारण दिखती हैं, उनका प्रभाव उतना ही गहरा होता है। सही वास्तु उपायों का पालन कर घड़ियों को घर की दीवार पर लगाने से घर की शुभता बढ़ती है, वहीं यदि इन्हें गलत दिशा में रखा जाए या कोई गलती की जाए तो ये घर में नकारात्मकता लाती हैं। वास्तु शास्त्र में घड़ियों को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक है। यह केवल समय का सूचक नहीं, बल्कि जीवन की प्रगति और ऊर्जा का भी प्रतीक है।
यहां दीवार घड़ी लगाने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियम दिए गए हैं:
- **दिशा का महत्व:** वास्तु के अनुसार, घड़ी लगाने के लिए पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। पूर्व दिशा में घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नए अवसरों की प्राप्ति होती है। उत्तर दिशा धन और समृद्धि की दिशा मानी जाती है, अतः इस दिशा में घड़ी लगाना आर्थिक लाभ देता है। पश्चिम दिशा भी ठीक मानी जाती है क्योंकि यह कार्य में गति प्रदान करती है।
- **दक्षिण दिशा से बचें:** दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है और इस दिशा में घड़ी लगाना अशुभ होता है। यह घर के सदस्यों के लिए दुर्भाग्य, बीमारी और अवनति का कारण बन सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दक्षिण दिशा में घड़ी लगाने से घर की ऊर्जा असंतुलित होती है और नकारात्मक प्रभाव बढ़ते हैं।
- **दरवाजे के ऊपर या सामने नहीं:** घर के मुख्य दरवाजे के ठीक ऊपर या सामने घड़ी नहीं लगानी चाहिए। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है। यह घर में तनाव और नकारात्मकता का माहौल बना सकता है।
- **घड़ी की स्थिति:** हमेशा यह सुनिश्चित करें कि घड़ी ठीक से काम कर रही हो। रुकी हुई या बंद घड़ी को तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें, क्योंकि यह दुर्भाग्य और प्रगति में बाधा का प्रतीक मानी जाती है। टूटी हुई, गंदी या पुरानी घड़ी भी घर में नकारात्मक ऊर्जा ला सकती है।
- **घड़ी का आकार और रंग:** गोल, चौकोर या अंडाकार आकार की घड़ियां शुभ मानी जाती हैं। गहरे रंग की या बहुत बड़ी और भारी घड़ियों से बचना चाहिए। हल्के रंग जैसे सफेद, हल्का नीला, हरा या भूरा रंग शुभ होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धातु की घड़ियां भी अच्छी मानी जाती हैं।
- **कांच और प्रतिबिंब:** अगर घड़ी में कांच लगा हो तो यह सुनिश्चित करें कि उसमें किसी वस्तु का अशुभ प्रतिबिंब न बन रहा हो। प्रतिबिंब का भी वास्तु में अपना महत्व होता है।
- **बेडरूम में घड़ी:** बेडरूम में घड़ी लगाने से बचें। यदि बहुत आवश्यक हो तो इसे बिस्तर से दूर उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं, लेकिन सीधे बिस्तर के सामने न हो।
**निष्कर्ष और उपाय:**
दीवार घड़ी एक साधारण सी वस्तु है, परंतु इसका वास्तु के अनुसार सही स्थान पर होना आपके घर और जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उपर्युक्त नियमों का पालन करके आप अपने घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता को आकर्षित कर सकते हैं। समय का सही सदुपयोग और वास्तु का सही ज्ञान दोनों ही जीवन को सफल बनाने में सहायक होते हैं।
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