
बिहार लैंड रिकॉर्ड्स: धरती का सीना चीरकर अपने हक की लड़ाई लड़ने वालों के लिए अच्छी खबर है। बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से जुड़ी त्रुटियों के सुधार और लंबित मामलों के समाधान के लिए अब कड़ी समय-सीमा तय कर दी है।
**बिहार लैंड रिकॉर्ड्स: जमाबंदी की गलती अब 15 से 75 दिनों में होगी ठीक, सरकार का कड़ा फैसला**
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus) पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समाधान में अब किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल प्रदेश में भूमि विवादों को कम करने और जनता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
**बिहार लैंड रिकॉर्ड्स में सुधार: अब नहीं चलेगी लापरवाही**
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जमाबंदी correction से संबंधित मामलों को तय समय-सीमा के भीतर निपटाया जाए। नए नियमों के अनुसार, अब जमाबंदी में हुई गलतियों को सुधारने के लिए 15 से 75 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसानों और आम नागरिकों को अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज ठीक कराने के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
**तेजी से निपटाए जाएंगे भूमि संबंधी मामले**
सरकार का लक्ष्य है कि पारदर्शी और प्रभावी तरीके से सभी भूमि संबंधी मामलों का निपटारा किया जाए। इस सख्ती से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले कई शिकायतें मिलती रही थीं कि भूमि सुधार से जुड़े आवेदन महीनों तक धूल फांकते रहते थे। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी।
**विभाग की नई गाइडलाइन और भविष्य की योजना**
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें हर स्तर के अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, आवेदनों की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। सरकार भविष्य में भी भूमि संबंधी सुधारों को जारी रखने की योजना बना रही है ताकि बिहार के हर नागरिक को उसकी जमीन का पूरा हक मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




