
Bahraich Wolf: जंगल से निकली खूंखार परछाई, जिसने मासूमों की जान लील ली थी, अब शांत हो चुकी है। आतंक का दूसरा नाम बन चुका खूंखार भेड़िया जोड़ा अंततः मौत के घाट उतार दिया गया है, जिससे पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है।
Bahraich Wolf: बहराइच में दहशत का अंत! खूंखार नर-मादा भेड़िया जोड़ा ढेर, जानें पूरी कहानी
Bahraich Wolf: कैसे खत्म हुआ भेड़ियों का खौफ?
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का कैसरगंज इलाका पिछले ढाई महीने से जिस खौफ में जी रहा था, वह अब खत्म हो गया है। वन विभाग के विशेष ‘शूटर’ दल ने रविवार शाम को आतंक का पर्याय बनी एक मादा भेड़िया को मार गिराया, जबकि एक दिन पहले ही उसके साथी नर भेड़िए को भी ढेर कर दिया गया था। कैसरगंज तहसील के गोड़हिया नंबर चार गांव में भेड़िए के इस खूंखार जोड़े को दो दिनों के भीतर एक-एक कर मार गिराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बहराइच दौरे और सख्त निर्देश के बाद से अब तक (लगभग ढाई महीने में) छह भेड़ियों का खात्मा किया जा चुका है। यह कार्रवाई वन विभाग की टीम के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि रविवार शाम कैसरगंज तहसील के गोड़हिया नंबर चार गांव के जरूआ मजरे से फिर भेड़िया देखे जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की बचाव टीम ड्रोन कैमरों के साथ मौके पर पहुंच गई। दो ड्रोन कैमरों का उपयोग कर लगातार निगरानी की गई। नदी की ओर कछार में दूसरे ड्रोन से आगे की तरफ नज़र रखी गई, जहां भेड़िया दिखाई दिया। भेड़िया बड़े घास के झुरमुट में भागने की कोशिश कर रहा था। बचाव टीम ने तत्काल गोली चलाई और भेड़िए की मृत्यु हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डीएफओ ने बताया कि रविवार को मारी गई मादा भेड़िया की उम्र करीब चार से पांच वर्ष थी। इससे ठीक एक दिन पहले, शनिवार दोपहर को भी इसी गांव में नदी किनारे एक नर भेड़िए को राहत अभियान के दौरान मारा गया था। माना जा रहा है कि यही भेड़िया जोड़ा था, जिसने पिछले कुछ दिनों से इलाके में भारी आतंक मचा रखा था। शनिवार तड़के करीब 3.30 बजे इसी जोड़े में से किसी एक भेड़िए ने जरूआ गांव निवासी ग्रामीण रामकुमार की एक वर्षीय पुत्री आरवी को घर से उठा लिया था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भेड़िए के हमलों का लंबा सिलसिला और वन विभाग की चुनौती
इससे पहले, डीएफओ ने बताया था कि गोड़हिया नंबर चार से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित मल्लहनपुरवा गांव में बीते सात दिसंबर को भेड़िए ने चार माह के बच्चे को उठाया था। उस बच्चे के कपड़े और अवशेष गन्ने के खेत से बरामद हुए थे। मल्लहनपुरवा गांव में ही 29 नवंबर से सात दिसंबर के बीच भेड़ियों के तीन अलग-अलग हमले दर्ज किए गए थे। बहराइच जनपद के कई गांवों में नौ सितंबर से शुरू हुए भेड़ियों के हमलों में अब तक दस बच्चों और एक बुजुर्ग दंपति सहित कुल बारह लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। इन हमलों में कम से कम 32 लोग घायल भी हुए हैं, जो इलाके में दहशत की गंभीरता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 सितंबर को स्वयं बहराइच पहुंचकर हवाई सर्वेक्षण किया था और भेड़ियों को सुरक्षित पकड़ने के, और यदि संभव न हो तो उन्हें गोली मारने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से भी बचाव विशेषज्ञ और शूटर बुलाकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद से, यानी 28 सितंबर से अब तक, छह भेड़ियों को सफलतापूर्वक मारा जा चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




