
Hayaghat News: ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं की गति धीमी पड़ना, विकास की नींव को खोखला करने जैसा है। जब जिम्मेदार ही गैरहाजिर हों, तो जनता की उम्मीदें दम तोड़ देती हैं।
हायाघाट, दरभंगा, देशज टाइम्स। ग्राम पंचायत राज सिधौली के मुखिया नागेश्वर दास ने पंचायत कार्यालयों में नियुक्त सरकारी कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि वे अपनी मनमर्जी से आते-जाते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मुखिया दास के अनुसार, सरकार ने ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाने के लिए 44 प्रकार के कार्यों को पंचायत स्तर पर ही निपटाने का आदेश दिया है, परंतु विभागीय उदासीनता और कर्मियों की लापरवाही के चलते यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हायाघाट न्यूज़: पंचायतों में क्यों नहीं हो रहा जनता का काम?
मुखिया नागेश्वर दास ने सीधे तौर पर वरीय पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रखंड और जिला स्तर से नियमित निगरानी की जाए तो सभी पंचायत कार्यालयों में कर्मी समय पर उपस्थित रहेंगे और जनता के सभी कार्य उनके अपने पंचायत कार्यालयों में ही संपन्न हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अधिकांश पंचायत भवनों में सरकारी कर्मचारी बैठते ही नहीं हैं।
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मुखिया ने आगे बताया कि RTPS काउंटर पर 44 तरह के काम करने का आदेश सरकार ने दिया है। इसमें जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र और नए राशन कार्ड जैसे आवश्यक कार्यों के साथ-साथ विकलांग पेंशन और लक्ष्मीबाई पेंशन योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, कार्यपालक सहायक के मुताबिक, विभाग द्वारा अभी तक अधिकांश कार्यों के लिए यूजर आईडी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस तकनीकी बाधा के कारण, ये महत्वपूर्ण जन सेवाएं पंचायत स्तर पर प्रदान नहीं की जा पा रही हैं।
दिव्यांगजनों को भटकना पड़ रहा प्रखंड कार्यालयों के चक्कर
मुखिया नागेश्वर दास ने विशेष रूप से दिव्यांगजनों की समस्या को उजागर करते हुए कहा कि पेंशन आवेदन के लिए उन्हें प्रखंड कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। यूजर आईडी न होने के कारण पंचायत में उनका काम नहीं हो पाता, जो सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना है। उन्होंने मांग की कि अविलंब सभी आवश्यक यूजर आईडी कार्यपालक सहायकों को उपलब्ध कराई जाएं ताकि पंचायत स्तर पर ही जनता के सभी कार्यों का त्वरित निष्पादन हो सके और उन्हें बेवजह की भाग-दौड़ से मुक्ति मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


